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दिल्ली हिंसा की भेंट चढ़ा कासगंज का 'प्रेम', बेटे का शव देखकर बूढ़ी मां हुई बदहवास

Mon, 02 Mar 2020 12:12 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कासगंज Published by: मुकेश कुमार Updated Mon, 02 Mar 2020 12:12 AM IST
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kasganj young man dies in delhi violence
मृतक प्रेम सिंह की मां का रो-रोकर बुरा हाल - फोटो : Amar Ujala
दिल्ली हिंसा ने कासगंज जिले के एक युवक की जान ले ली। वो 25 फरवरी से लापता था। परिजन उसकी तलाश कर रहे थे। दिल्ली के गुरु तेग बहादुर अस्पताल में रखे अज्ञात शवों में एक शव उसका था। शनिवार को मृतक के परिजनों ने उसकी शिनाख्त की। युवक दिल्ली में रिक्शा चलाकर परिवार का भरण पोषण करता था। उसकी मौत से परिवार में सदमे में है। 
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दिल्ली हिंसा में मृत प्रेम सिंह का फाइल फोटो - फोटो : Amar Ujala
प्रेम सिंह (27) पुत्र जगदीश निवासी रजपुरा सलेमपुर (कासगंज) छह माह पूर्व रोजगार की तलाश में अपने पूरे परिवार के साथ दिल्ली गया था। दिल्ली में वो ब्रजपुरी इलाके में स्थित एक मकान में किराए पर पत्नी, बच्चे, मां और भाई-बहन के साथ रहता था। 
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दिल्ली उपद्रव की तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
परिजनों ने बताया कि प्रेम सिंह 25 फरवरी को सुबह घर से दूध लेने के लिए निकला था। इसी दौरान हिंसा में घायल हो गया। किसी ने उसे दिल्ली के गुरु तेग बहादुर अस्पताल में भर्ती कराया था। अस्पताल में उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। उधर, जब युवक घर नहीं लौटा तो परिजन चिंतित हो गए। 
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दिल्ली उपद्रव की तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने उसकी तलाश शुरू कर दी। तलाश करते हुए परिजन गुरु तेग बहादुर अस्पताल पहुंच गए, जहां रखे अज्ञात शवों में प्रेम सिंह का शव मिला। उसका शव देखते ही परिजन चीत्कार कर उठे। बूढ़ी मां बदहवास हो गई। मृतक के भाई श्यामसुंदर ने बताया कि मामले की तहरीर दयालपुर थाना पुलिस को दी है। 
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मृतक प्रेम सिंह के परिजन - फोटो : Amar Ujala
युवक प्रेम सिंह रोजगार की तलाश में छह माह पहले दिल्ली गया था, लेकिन जब उसे कोई रोजगार नहीं मिला तो वो रिक्शा चलाने का काम करने लगा। रिक्शा चलाने से जो आय हो रही थी उसी से वो पत्नी, बच्चों एवं मां और भाई-बहन का भरण पोषण कर रहा था। 
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