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परंपरा: सहस्त्रधारा स्नान के बाद 'बीमार' हुए भगवान जगन्नाथ, 15 दिनों तक भक्तों को नहीं देंगे दर्शन

Mon, 17 Jun 2019 08:53 PM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा Published by: मुकेश कुमार Updated Mon, 17 Jun 2019 08:53 PM IST
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Jyeshtha Purnima 2019 celebrations in jagannath temple vrindavan
जगन्नाथ मंदिर में पंचामृत से भगवान का अभिषेक करते महंत ज्ञानप्रकाश पुरी - फोटो : अमर उजाला
ज्येष्ठ पूर्णिमा पर सोमवार को सहस्त्रधारा स्नान के बाद भगवान जगन्नाथ बीमार पड़ गए हैं। भगवान जगन्नाथ अब 15 दिनों तक आराम करेंगे। इस दौरान भगवान का जड़ी बूटियों, औषधियों से उपचार किया जाएगा। एक वैद्य प्रतिदिन भगवान की देखभाल करेगा। अगली स्लाइड्स में जानिए आस्था और भक्ति की इस अनोखी परंपरा के बारे में...
Jyeshtha Purnima 2019 celebrations in jagannath temple vrindavan
वृंदावन में ज्ञान गुदड़ी स्थित जगन्नाथ मंदिर - फोटो : अमर उजाला
वृंदावन में ज्ञान गुदड़ी स्थित जगन्नाथ मंदिर में सोमवार को ज्येष्ठ पूर्णिमा पर भगवान जगन्नाथ का फलों के रस, नदियों के जल, पंचामृत एवं 108 कलशों से सहस्त्रधारा अभिषेक हुआ। स्नान के बाद भगवान को बुखार आ गया। इसके चलते 15 दिनों के लिए मंदिर के पट बंद हो गए। अब चार जुलाई को मंदिर के पट खुलेंगे।  
Jyeshtha Purnima 2019 celebrations in jagannath temple vrindavan
भगवान जगन्नाथ का अभिषेक करते मंदिर के पुजारी - फोटो : अमर उजाला
मंदिर के महंत ज्ञानप्रकाश ने बताया कि मान्यता के अनुसार ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा पर भगवान जगन्नाथ को सहस्त्रधारा स्नान कराया जाता है। इस स्नान के बाद भगवान बीमार हो जाते हैं। 15 दिनों के लिए मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। इस दौरान मंदिर में घंटे नहीं बजते और न ही अन्न का भोग लगता है। भगवान को केवल आयुर्वेदिक काढ़ा और फलों का रस दिया जाता है। 
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Jyeshtha Purnima 2019 celebrations in jagannath temple vrindavan
मंदिर में सजाया गया फूल बंगला
परंपरानुसार भगवान की बीमारी की जांच के लिए प्रतिदिन वैद्य (पुजारी) भगवान जगन्नाथ की देखभाल करते हैं। दिन में दो बार आरती होती है लेकिन इससे पहले भगवान को काढ़े का भोग लगाया जाता है। प्रतिदिन शीतल लेप लगाया जाता है। भगवान जगन्नाथ को रात में मीठा दूध भी निवेदित किया जाता है। भगवान के ठीक होने पर उस दिन जगन्नाथ यात्रा निकलती है। 
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Jyeshtha Purnima 2019 celebrations in jagannath temple vrindavan
वृंदावन स्थित जगन्नाथ मंदिर
मथुरा में सोमवार को श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर भगवान जगन्नाथ की परंपरागत स्नान यात्रा निकाली गई। जन्मस्थान के भागवत भवन स्थित जगन्नाथ मंदिर में शाम 5 बजे स्नान यात्रा का शुभारंभ वैदिक रीति रिवाज के तहत हुआ। फलभोग के बाद ठाकुर जी के श्रीविग्रह को परिक्रमा कराने बाद पंचामृत से दिव्य अभिषेक कराया गया।
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