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मुश्किल: शुक्रवार से जूनियर डॉक्टर भी भर्ती मरीजों को नहीं देखेंगे, जारी है ओपीडी बहिष्कार

Thu, 02 Dec 2021 11:49 AM IST
Abhishek Saxena अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Thu, 02 Dec 2021 11:49 AM IST
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Junior Doctors Striks Will Not Check Up Patients From Friday In Sn Medical College
एसएन मेडिकल कॉलेज में मरीज - फोटो : अमर उजाला

एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों के साथ भर्ती मरीजों की भी मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। जूनियर डॉक्टरों ने भी ओपीडी के साथ बाकी सेवाओं का शुक्रवार से बहिष्कार करने की घोषणा की है। सिर्फ इमरजेंसी में ही सेवाएं देंगे। मेडिकल कॉलेज के विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों की 24 घंटे देखभाल की मुख्य जिम्मेदारी जूनियर डॉक्टरों पर होती है। इनके कार्य बहिष्कार से व्यवस्थाएं चरमरा जाएंगी। इनकी भरपाई और भर्ती मरीजों की देखभाल मेडिकल कॉलेज प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है।



सीनियर रेजीडेंट की संख्या 70 के करीब ही है। फेडरेशन ऑफ रेजीडेंट डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अनुराग मोहन के नेतृत्व में जूनियर डॉक्टर बुधवार को भी सुबह नौ बजे ओपीडी के बाहर पहुंच गए। बाहर बैठकर ‘तारीख पर तारीख नहीं चलेगी’ और ‘ओपीडी बंद करो’ के नारे लगाए। हालांकि इमरजेंसी और वार्डोँ में भर्ती मरीजों को देखा।  

Junior Doctors Striks Will Not Check Up Patients From Friday In Sn Medical College
आगरा: ओपीडी बहिष्कार के दौरान जूनियर चिकित्सक - फोटो : अमर उजाला

नीट पीजी 2021 की काउंसिलिंग शुरू कराने के लिए उचित कदम अभी तक नहीं उठाया गया है। इससे शुक्रवार सुबह आठ बजे से इमरजेंसी को छोड़कर बाकी सभी सेवाएं भी बंद कर दी जाएंगी। भर्ती मरीजों को भी नहीं देखा जाएगा। सरकार को यदि एक बैच के देरी से आने से फर्क नहीं पड़ता तो इस बात पर भी फर्क नहीं पड़ना चाहिए कि दो बैच काम करे या तीन बैच। रेजीडेंट काम करते-करते थक गए हैं, भागीदारी की जरूरत है। - डॉ. अनुपम सिंह यादव, उपाध्यक्ष, फेडरेशन ऑफ रेजीडेंट डॉक्टर एसोसिएशन

Junior Doctors Striks Will Not Check Up Patients From Friday In Sn Medical College
एसएन के चिकित्सक डॉ. प्रशांत गुप्ता - फोटो : अमर उजाला

ओपीडी में कार्य का बहिष्कार कर रहे रेजीडेंट ने शुक्रवार से इमरजेंसी को छोड़कर आईपीडी व अन्य सेवाओं का बहिष्कार करने की जानकारी बुधवार को दी है। ऐसा होने पर दिक्कतें होंगी। रेजीडेंट मेडिकल कॉलेज की रीढ़ की हड्डी होते हैं। आईपीडी (वार्डों में भर्ती) मरीजों को 24 घंटे यही देखते हैं। बृहस्पतिवार का दिन है, कुछ प्रबंधन किया जाएगा। - डॉ. प्रशांत गुप्ता, प्राचार्य, एसएन मेडिकल कॉलेज

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Junior Doctors Striks Will Not Check Up Patients From Friday In Sn Medical College
हड़ताल पर जूनियर चिकित्सक - फोटो : अमर उजाला
दो घंटे इंतजार के बाद ओपीडी में दिखा पाए मरीज

एसएन मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में सोमवार और मंगलवार की अपेक्षा बुधवार को मरीज जरूर कम (1394) पहुंचे, पर जूनियर डॉक्टरों के कार्य बहिष्कार असर दिखा। ओपीडी में मेडिसिन विभाग, हड्डी रोग विभाग और त्वचा के बाहर मरीजों की लंबी लाइन लगी रही। दर्द से परेशान मरीज लाइन में लगे-लगे थक गए तो फर्श पर ही बैठ गए। मेडिसिन विभाग में 292, हड्डी रोग विभाग में 173 और त्वचा रोग विभाग में 169 मरीजों को परामर्श दिया गया। स्थित यह थी कि ओपीडी में पहुंचे मरीजों को दो घंटे तक इंतजार करना पड़ गया। 

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एसएन में जूनियर चिकित्सकों की हड़ताल - फोटो : अमर उजाला

लाइन में लगे-लगे दर्द और बढ़ गया
रीढ़ की हड्डी में दर्द हो रहा है। इसे दिखाने के लिए सुबह 10 बजे मेडिकल कॉलेज पहुंच गई थी। दो घंटे ओपीडी में दिखाने के लिए इंतजार करना पड़ा। लाइन में लगे-लगे दर्द और बढ़ गया। - नीलम, सेंट जोंस 

एक घंटे बाद मिल पाया परामर्श 
पैर में दर्द होने पर हड्डी रोग विभाग में दिखाने के लिए आई थी। एक घंटे इंतजार के बाद परामर्श मिल पाया। 20 मिनट पर्चे बनवाने में लग गए। - कामिनी मिश्रा, आवास विकास कॉलोनी

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