बिहार की तरह आगरा में भी कई ‘आनंद कुमार' हैं, जो अंधेरी गलियों में शिक्षा का उजियारा फैला रहे हैं। एक पहल पाठशाला, सेवा आगरा जैसी संस्थाओं के माध्यम से मलिन बस्तियों में शिक्षा की अलख जगा रहे हैं। दयालबाग और सुल्तानगंज की पुलिया के पास स्कूल खोले हैं। यहां बच्चों को निशुल्क शिक्षा के साथ दिन का भोजन भी मिलता है। पिछले करीब 15 सालों में 5500 से अधिक बच्चें यहां से शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं। वहीं सत्यमेव जयते संस्था जरूरतमंद युवाओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में आर्थिक मदद कर रही है।
विश्व साक्षरता दिवस : अंधेरी गलियों में उजियारा, 15 वर्ष में 5500 से अधिक बच्चों को पढ़ाया
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एक पहल पाठशाला : 4000 बच्चों को थमाई कलम
'एक पहल पाठशाला' के संस्थापक मनीष राय ने बताया कि पिता की प्रेरणा से करीब 10 साल पूर्व पाठशाला शुरू की। दयालबाग में मलिन और घुमंतू बच्चों को नर्सरी से लेकर 10 वीं तक की शिक्षा देते हैं। अब तक 4000 बच्चों को पढ़ाया जा चुका है। इनमें 2800 लड़कियां हैं। शिक्षक रखे हैं। बच्चों को दिन का भोजन भी मुहैया कराया जाता है। उनकी मां और बड़ी बहनों के लिए भी अलग से कक्षा लगती है।
सेवा आगरा : 15 साल से जारी है सेवा कार्य
सेवा आगरा के अध्यक्ष मुरारीलाल गोयल ने बताया कि पढ़ने की उम्र में बच्चे ढाबों, कारखानों में काम करते देखकर बुरा लगता। कुछ करने का विचार आया तो संस्था की शुरुआत कर दी। पिछले 15 सालों से जरूरतमंद बच्चों को निशुल्क शिक्षा मुहैया करा रहे हैं। सुल्तानगंज की पुलिया के पास स्कूल चलाते हैं। अब तक 1500 बच्चों को पढ़ाया जा चुका है। उनके लिए छात्रवृत्ति की भी व्यवस्था है। फीस, पोशाक, जूते की व्यवस्था स्कूल की ओर से ही है।
सत्यमेव जयते संस्था पिछले तीन सालों से उन जरूरतमंद युवाओं की मदद कर रही है जो दिल्ली विवि में तालीम लेना चाहते हैं। आर्थिक तंगी उनसे उच्च शिक्षा का हक छीन रही है। संस्था के अध्यक्ष मुकेश जैन ने बताया कि सभी चीजें सरकार के भरोसे छोड़ना भी ठीक नहीं होगा। क्योंकि हम भी समाज का हिस्सा हैं। ऐसे में हमारी भी जिम्मेदारी बनती है। संस्था फीस के अलावा छात्रावास का खर्च भी उठाती है। अब तक 10 होनहार छात्रों की मदद कर चुके हैं।
17 नवंबर, 1965 को यूनेस्को ने आठ सितंबर को अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस घोषित किया। इसको पहली बार 1966 में मनाया गया। उद्देश्य व्यक्तिगत, सामुदायिक और सामाजिक रूप से साक्षरता के महत्व पर प्रकाश डालना है।
आगरा में साक्षरता प्रतिशत
2011 2001
साक्षरता 71.58 62.60
महिला 61.18 48.35
पुरुष 80.62 74.60