पूर्व भारतीय क्रिकेटर यूसुफ पठान शनिवार को मथुरा पहुंचे। उन्होंने वाइल्डलाइफ एसओएस द्वारा फरह में संचालित हाथी संरक्षण केंद्र में भ्रमण किया। इसके बाद देश का पहला हाथी अस्पताल भी देखा। तीसरी बार वाइल्डलाइफ एसओएस के सेंटर में पहुंचे क्रिकेट स्टार और पशु प्रेमी युसूफ पठान ने संस्था के हाथी संरक्षण और देखभाल केंद्र (ईसीसीसी) में रहने वाले हाथियों का अभिवादन कर अपने दिन की शुरुआत की।
वन्यजीव संरक्षण की दुनिया में गहराई से उतरते हुए यूसुफ पठान ने हाथी सेंटर के निकट हाथी अस्पताल परिसर में जाने से पहले दोपहर के भोजन पर वाइल्डलाइफ एसओएस कर्मचारियों के साथ बातचीत कर समय बिताया। इस दौरान उन्होंने हाथियों की देखभाल के संबंध में बारीकी से समझा। यूसुफ पठान ने अपने पिछले दौरे के बाद से हाथी संरक्षण केंद्र में हुए विकास कार्यों की सराहना की।
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जंबो हाइड्रोथेरेपी पूल में नहाता हाथी
- फोटो : Wildlife SOS
क्रिकेटर यूसुफ पठान हाइड्रोथेरेपी पूल दिखाया गया, जो घायल हाथियों को दर्द से आराम दिलाने और उनकी मांसपेशियों को ठीक करने में मददगार साबित हुआ है। वाइल्डलाइफ एसओएस की पशुचिकित्सा सेवाओं के उप-निदेशक डॉ इलयाराजा ने यूसुफ पठान को घायल, बीमार, या वृद्धावस्था से बचाए गए हाथियों की देखभाल के कार्य के बारे में विस्तृत जानकारी दी।
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यूसुफ पठान ने तस्वीरों पर ऑटोग्राफ दिया
- फोटो : Wildlife SOS
संस्था के डॉ. इलयाराजा ने युसूफ पठान को नेत्रहीन हथनी नीना से मिलवाया, जिसे इस साल ही रेस्क्यू कर अस्पताल में इलाज के लिए लाया गया है और क्रिकेटर को उसकी सभी चिकित्सा प्रक्रियाओं के बारे में भी बताया। यूसुफ पठान को जारा हथनी से भी मिलवाया गया, जिसे 2020 में बचाया गया था। हाथी संरक्षण केंद्र से वापसी से पहले यूसुफ पठान ने वाइल्डलाइफ एसओएस के कर्मचारियों के लिए कैप और तस्वीरों पर ऑटोग्राफ भी दिए।
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हाथी संरक्षण केंद्र में यूसुफ पठान
- फोटो : Wildlife SOS
युसूफ पठान ने कहा कि मैं पिछले 15 साल से वाइल्डलाइफ एसओएस के साथ जुड़ा हुआ हूँ। उनके सेंटर का यह मेरा तीसरा दौरा है। जब मैं पहली बार यहां आया था, तब वाइल्डलाइफ एसओएस शुरू ही हुआ था। तब से अब तक इस संस्था ने प्रशंसनीय विकास किया है।
वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने कहा कि यूसुफ पठान एक समर्पित वन्यजीव संरक्षक रहे हैं, जो वर्षों से लगातार हमारे काम का समर्थन करते आए हैं। वन्यजीव संरक्षण के लिए उनका समर्थन जनता को जंगली जानवरों के संरक्षण और इसकी आवश्यकता के बारे में एक सकारात्मक संदेश भेजने में मदद करेगा।
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हाथी संरक्षण केंद्र में यूसुफ पठान साथ में संस्था के सदस्य
- फोटो : Wildlife SOS
वाइल्डलाइफ एसओएस की सह-संस्थापक और सचिव, गीता शेषमणि ने कहा कि हमारा उद्देश्य हमारी देखरेख में जानवरों को स्वस्थ और सुखी जीवन देना है। युसूफ पठान जैसे प्रतिष्ठित व्यक्ति का हमारे सेंटर में आना हमारी कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प को और भी ज्यादा बढ़ावा देगा, जिससे हमारी देखरेख में जानवर सम्मान और स्वतंत्रता के साथ रह सकें।