आगरा में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के लिए बाजार सज गए हैं। कान्हा और उनके भक्तों को लुभाने के लिए गोपाल की पालकी, आकर्षक मुकुट, मोर पंखी बांसुरी, श्रृंगार का सामान है। छोटे कूलर और पंखे भी खरीदे जा रहे हैं। लड्डू गोपाल की मूर्ति 100 रुपये से लेकर पांच हजार रुपये तक मिल रही है। चांदी की मूर्ति भी हैं। सोने सा दिखने वाला कान्हा का सिंहासन अपनी अलग ही जगह बनाए हुए है। महिलाओं ने बाजारों में जाकर बाल गोपाल के लिए खरीददारी शुरू कर दी है।
बाल गोपाल के लिए मोर पंख की बांसुरी बड़ा आकर्षण है। चमचमाती बांसुरी के कोने में मोरपंख लगा है। बांसुरी पर रंग-बिरंगी सजावट इसे और आकर्षक बना रही है। मांग बढ़ती ही जा रही है। बिना मोर पंख की बांसुरियां भी बाजार में हैं। इनमें पीतल की बांसुरी भी काफी बिक रही है। धनी भक्त अपने कान्हा के लिए चांदी की बांसुरी भी खरीद रहे हैं।
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लल्ला का कूलर ।
- फोटो : अमर उजाला
कान्हा को गर्मी से बचाने के लिए मिनी कूलर और पंखे भी बाजार में हैं और खूब बिक रहे हैं। ये रिचार्जेबल हैं। एक बार चार्ज होने के बाद मिनी कूलर छह घंटे तक लगातार चल सकता है। छोटे पंखे भी चार से पांच घंटे तक चलाए जा सकते हैं। इससे अधिक लगातार चलाने के बारे में दुकानदार मना भी कर रहे हैं। स्टील, प्लास्टिक और पीतल तीनों तरह के कूलर बाजार में बिक रहे हैं। इनकी कीमत 400 रुपये से लेकर 700 रुपये तक है।
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बाजार में बिक रहे मुकुट।
- फोटो : अमर उजाला
बाजार में बाल गोपाल के लिए नग जड़ित मुकुटों की भारी मांग है। मुकुटों में लगे मोर पंख और इनमें भी कई मुकुटों के ऊपर लगी छोटी छतरी शोभा को और बढ़ा रही है। डिजायनदार मुकुटों में राजस्थानी अंदाज भी दिख रहा है। चार सौ रुपये से लेकर आठ हजार रुपये तक के मुकुट बाजार में हैं।