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Agra Suicide Case: माता-पिता और बहन का हुआ अंतिम संस्कार, अकेला रह गया 10 साल का बेटा श्याम
Thu, 07 Jul 2022 05:13 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Thu, 07 Jul 2022 05:13 PM IST
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सामूहिक आत्महत्या का मामला
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा की आवास विकास कॉलोनी के रहने वाले सोनू ने पत्नी और बेटी के साथ सामूहिक आत्महत्या कर ली। गुरुवार को ताजगंज के शवदाह गृह में एक साथ 3 चिताएं जलीं। 10 साल के मासूम श्याम ने बाप-मां और बहन को मुखाग्नि दी। मां-पिता और बहन की मौत के बाद वो सहमा हुआ था। दादी कांता के पास बैठा एक नजर से उनको देख रहा था। दादी कह रही थी कि बेटा यह क्या कर डाला। एक बार बता तो देता। उसकी हर इच्छा पूरी कर देती। रोती मां को बेटी वीनू और बेटा देवेश समझा रहे थे। कांता देवी कह रही थीं कि बेटा सोनू चार साल से खुदकुशी की बात कर रहा था। यह सच कर देगा यह किसी ने नहीं सोचा था।
मृतकों के परिजन
- फोटो : अमर उजाला
रात में भी चल रहा था टीवी
देवेश की पत्नी लक्ष्मी का कहना था कि सोनू और उसका परिवार रात में 12 बजे तक टीवी देखा करते थे। मंगलवार रात को भी टीवी देख रहे थे। शाम को सात बजे सृष्टि भूतल पर आई थी। दादी से दूध लेकर गई थी। इसके बाद कोई नहीं आया। रात में टीवी भी चल रही थी।
सोनू का बेटा और उसकी मां
- फोटो : अमर उजाला
काम नहीं करना चाहता था सोनू
वीनू (बहन) ने बताया कि श्याम अक्सर उनके पास आ जाता था। इसकी वजह भी भाई सोनू था। वह उसे कभी-कभार डांट देता था। इससे वो उनके पास आ जाता था। सोनू काम नहीं करना चाहता था। इस वजह से गीता भी परेशान थी।
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बेटे-बहू और नातिन की मौत पर बिलखती मां
- फोटो : अमर उजाला
कारीगरों से करता था झगड़ा
रणधीर शर्मा (पिता) ने बताया कि सोनू को वो काम पर लेकर जाते थे। मगर, वो दुकान पर जाने पर कारीगरों से झगड़ा कर लेता था। कई बार उसे समझाया, लेकिन माना नहीं। उसकी आदत में सुधार नहीं हुआ। इस पर उसे काम पर जाने से रोक दिया। वह उससे कम ही बात करते थे। वह खुद भी उनसे बात करने नहीं आता था।
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सोनू के कमरे में छानबीन करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला