आगरा में एतिहासिक राम बारात धूमधाम से निकाली गई। रावतपाड़ा लाला चन्नोमल की बारादरी से प्रभु श्रीराम की वर यात्रा शाम करीब छह बजे प्रारंभ हुई। शोभायात्रा में सबसे पहले दो ऊंटों पर सवार लोग नगाड़े बजाते चल रहे थे। उनके पीछे कौशल नरेश राजा दशरथ के गौरवशाली वंश की पताका लेकर पीछे छह घुड़सवार सिपाही थे। इनके पीछे विघ्न विनाशकर गणेश जी बारात शुभता की बौछार करते चल रहे थे। उनके पीछे मनमोहक झांकियों को सिलसिला प्रारंभ हुआ, जो काफी लंबा था।
तस्वीरें: धूमधाम से निकली एतिहासिक राम बारात, रघुवर के स्वागत में भव्य रूप से सजी जनकपुरी
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राम बारात
- फोटो : अमर उजाला
प्रभु श्रीराम और उनके तीनों भाइयों के शृंगार के बाद सर्वप्रथम उनकी आरती जिलाधिकारी एनजी रवि कुमार, एसएसपी अमित पाठक, एडीएम सिटी केपी सिंह, नगर आयुक्त अरुण प्रकाश ने की। इसके बाद एक-एक कर तीनों भाइयों को रथों पर विराजमान किया गया। सबसे पहले राजकुमार शत्रुघ्न, उनके बाद राजकुमार भरत, इसके बाद लखन लाल और अंत में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम दिव्य रथ पर विराजमान हुए।
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शोभायात्रा मार्ग पर पुष्प वर्षा और आरती करके स्वागत किया गया। दूल्हा बने श्रीराम को दर्शन पाकर हर कोई स्वयं को धन्य मान रहा था। बारात में आगरा ही नहीं आसपास के जिलों और प्रदेशों से लोग शामिल हुए। बाराती बैंडों की मधुर धुन पर नाचते हुए चल रहे थे। शोभायात्रा में करीब 110 झांकियां और 15 बैंड शामिल हुए। बारात का संचालन अतुल बंसल, संजय तिवारी, आनंद मंगल, मुकेश जौहरी, प्रकाश चंद, ताराचंद, अंजुल बंसल ने किया।
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वर यात्रा में चारों भाइयों राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न के शृंगार का भी विशेष महत्व है। चारों भाई दूल्हा बने राजसी शृंगार में नजर आये। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम रत्न जड़ित कमल मुकुट धारण किए हुए थे। सूर्य अपनी आभा बिखेर रहा है तथा भगवान का मुख शृंगार अनोखी आभा लिये हुए था।
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शेषावतार लक्ष्मण रत्न जड़ित मुकुट धारण किए हुए थे, उनके मुकुट पर शेषनाग विराजमान थे। भरत के मुकुट पर कमल का फूल अपनी अद्भुत छंटा बिखेर रहा था। भ्राता शत्रुघ्न के मुकुट पर भी मध्य में कमल के फूल बना हुआ था, वो चांदी का रत्न जड़ित मुकुट धारण किए हुए थे।