हरियाली तीज का त्योहार कान्हा की नगरी में गुरुवार को पारंपरिक तरीके से मनाया गया। इस अवसर पर मथुरा से वृंदावन तक आस्था की अद्भुत छटा बिखरी। श्रीकृष्ण जन्मस्थान स्थित ठाकुर केशवदेव मंदिर जन्मस्थान परिसर में हरी घटा सजाई गई। जहां हरी घटाओं के बीच ठाकुर केशव देव ने श्रद्धालुओं को मनोहारी दर्शन दिए। द्वारिकाधीश मंदिर में फल-फूलों का हिंडोला सजाया गया। तीर्थनगरी वृंदावन में ठाकुर बांकेबिहारी स्वर्ण-रजत निर्मित हिंडोले में विराजमान हुए। लेकिन कोरोना के कारण मंदिर के पट बंद होने के कारण अद्भुत शृंगार के साथ ठाकुर जी के विशेष दर्शन भक्त नहीं कर पाए। मंदिर में सिर्फ सेवायतों ने पूजा-अर्चना की।
{"_id":"5f197cca8ebc3e9fdc6c4c6a","slug":"hindola-darshan-in-banke-bihari-temple-vrindavan-on-hariyali-teej","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"हरियाली तीज पर ब्रज के मंदिरों में बिखरी आस्था की अद्भुत छटा, मनमोह की लेंगी ये तस्वीरें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरियाली तीज पर ब्रज के मंदिरों में बिखरी आस्था की अद्भुत छटा, मनमोह की लेंगी ये तस्वीरें
Fri, 24 Jul 2020 12:21 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वृंदावन (मथुरा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वृंदावन (मथुरा)
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 24 Jul 2020 12:21 AM IST
विज्ञापन
ठाकुर जी के विग्रह
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाली तीज पर श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर सजाई गई झाँकी
- फोटो : अमर उजाला
प्राचीन केशव देव मंदिर में हरियाली तीज महोत्सव
मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थान स्थित प्राचीन केशवदेव मंदिर में हरियाली तीज महोत्सव की धूम रही। मंदिर परिसर को हरी पत्तियों, लता पताओं से सजाया गया। साथ ही राधा कृष्ण मंदिर में हरी घटाओं के बीच हिंडोले सजाए गए। भागवत भवन को भी हरे रंग की पेशवाई से सजाया गया। सुबह सेवायत श्यामाचरण गोस्वामी, बिहारी लाल गोस्वामी, मुन्नी लाल गोस्वामी द्वारा संयुक्त रूप से मंत्रोच्चारण के बीच पंचामृत अभिषेक और गुलाब इत्र से ठाकुरजी के विग्रह की मालिश की। शाम को फल फूल का बंगला भी सजाया गया और हरे रंग की पेशवाई लगाई गई। माता रुक्मणी और जमुना जी को अलग-अलग चांदी के पलना में विराजमान कर झूला झुलाया गया। भगवान को नजर ना लग जाए, इसके लिए विशेष आरती की गई। रात आठ बजे तक हुए इस दिव्य दर्शनों का दूर दूर से आए भक्तों लाभ लिया।
मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थान स्थित प्राचीन केशवदेव मंदिर में हरियाली तीज महोत्सव की धूम रही। मंदिर परिसर को हरी पत्तियों, लता पताओं से सजाया गया। साथ ही राधा कृष्ण मंदिर में हरी घटाओं के बीच हिंडोले सजाए गए। भागवत भवन को भी हरे रंग की पेशवाई से सजाया गया। सुबह सेवायत श्यामाचरण गोस्वामी, बिहारी लाल गोस्वामी, मुन्नी लाल गोस्वामी द्वारा संयुक्त रूप से मंत्रोच्चारण के बीच पंचामृत अभिषेक और गुलाब इत्र से ठाकुरजी के विग्रह की मालिश की। शाम को फल फूल का बंगला भी सजाया गया और हरे रंग की पेशवाई लगाई गई। माता रुक्मणी और जमुना जी को अलग-अलग चांदी के पलना में विराजमान कर झूला झुलाया गया। भगवान को नजर ना लग जाए, इसके लिए विशेष आरती की गई। रात आठ बजे तक हुए इस दिव्य दर्शनों का दूर दूर से आए भक्तों लाभ लिया।
द्वारिकाधीश मंदिर में सजाया गया फल-फूल बंगला
- फोटो : अमर उजाला
फल फूलों के हिंडोला में विराजे राजाधिराज
हरियाली तीज पर ठाकुर द्वारिकाधीश मंदिर में फल-फूलों का हिंडोला सजाया गया। लता-पता और फल फूलों के बीच विराजे ठाकुर द्वारिकाधीश के दर्शन पाकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए। शाम को ठाकुर द्वारिकाधीश के लिए फल-फूल और हरी पत्तियों से हिंडोला सजाया गया। मंदिर प्रांगण राजाधिराज के जयकारों से गुंजायमान हो रहा था। भक्त भी फल फूलों के हिंडोले में बैठे राजाधिराज की अलौकिक झांकी को अपलक निहारते रहे। मंदिर के विधि और मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी ने बताया कि कोरोना के कारण भक्तों को सामाजिक दूरी का पालन कराते हुए मंदिर में प्रवेश दिया गया।
हरियाली तीज पर ठाकुर द्वारिकाधीश मंदिर में फल-फूलों का हिंडोला सजाया गया। लता-पता और फल फूलों के बीच विराजे ठाकुर द्वारिकाधीश के दर्शन पाकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए। शाम को ठाकुर द्वारिकाधीश के लिए फल-फूल और हरी पत्तियों से हिंडोला सजाया गया। मंदिर प्रांगण राजाधिराज के जयकारों से गुंजायमान हो रहा था। भक्त भी फल फूलों के हिंडोले में बैठे राजाधिराज की अलौकिक झांकी को अपलक निहारते रहे। मंदिर के विधि और मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी ने बताया कि कोरोना के कारण भक्तों को सामाजिक दूरी का पालन कराते हुए मंदिर में प्रवेश दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
बांकेबिहारी मंदिर में स्वर्ण रजत हिंडोला
- फोटो : अमर उजाला
वृंदावन के ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में लगभग सात दशक से चली आ रही परंपरा के अनुसार श्रावण मास शुक्लपक्ष की तृतीया तिथि (हरियाली तीज) पर ठाकुजी स्वर्ण-रजत निर्मित दिव्याकर्षक हिंडोले में विराजित हुए। प्रात: 7.55 बजे ठाकुर जी की आरती की गई। फिर राजभोग सेवा हुई। ठाकुर जी के लिए विशेष रूप से तैयार किए मलाई घेवर, फैनी, मावा, गुजिया आदि व्यंजन निवेदित किए गए। हालांकि इस बार हरियाली तीज के ठाकुरजी के अद्भुत दर्शन से उनके लाखों भक्त वंचित रहे।
विज्ञापन
बांकेबिहारी मंदिर
- फोटो : अमर उजाला
कोरोना के कारण ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं का प्रवेश प्रतिबंधित है। मंदिर में सिर्फ सेवायत गोस्वामी परिवार सहित सामाजिक दूरी के साथ दर्शन करते नजर आए। मंदिर के द्वारों के साथ परिसर के आसपास बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहे। कोतवाली प्रभारी अनुज कुमार व्यवस्थाओं पर नजर बनाए रहे।