हाथरस कांड के बाद हिंसा भड़काने की साजिश के आरोप में पकड़े गए युवकों को लेकर एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। इनमें एक आरोपी अतीकुर्ररहमान मुजफ्फरनगर में दंगा फैलाने का आरोपी है। मुजफ्फरनगर क्राइम ब्रांच की जांच में उसका नाम प्रकाश में आया था। तभी से उसकी तलाश थी। मुजफ्फरनगर पुलिस ने उसकी गिरफ्तार के बाद मथुरा जेल में बी-वारंट दाखिल किया है। पुलिस के अनुसार अतीकुर्ररहमान का पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) का सदस्य है।
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आरोपियों की कोर्ट में पेशी के दौरान की तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
पांच अक्तूबर को स्विफ्ट कार में हाथरस जा रहे चार युवकों को यमुना एक्सप्रेसवे के मांट टोल प्लाजा से पकड़ा गया था। इनमें अतीकुर्रहमान निवासी मुजफ्फरनगर, आलम निवासी रामपुर, सिद्दीक निवासी केरल, मसूद निवासी बहराइच शामिल है। पुलिस का दावा है कि इन चारों के संबंध सदस्य पीएफआई/सीएफआई (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया/कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया) हैं। ये चारों हाथरस कांड के बाद विदेशी फंडिंग से हिंसा भड़काने की साजिश रच रहे थे।
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आरोपियों की कोर्ट में पेशी के दौरान की तस्वीर
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मामले की जांच में जुटी मथुरा क्राइम ब्रांच को पता लगा है कि अतीकुर्रहमान वर्ष 2019 में हुए मुजफ्फरनगर दंगे के आरोपी है। उसने वहां भी दंगाइयों के साथ मिलकर माहौल खराब किया था। अतीकुर्रहमान ने पर्दे के पीछे रहकर पीएफआई के माध्यम से दंगा फैलाने का षड्यंत्र रचा था। शुरुआत में मुजफ्फरनगर पुलिस को इसकी जानकारी नहीं हुई। मुजफ्फरनगर कोतवाली पुलिस के पास से यह मुकदमा जांच के लिए क्राइम ब्रांच को चला गया।
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मुजफ्फरनगर क्राइम ब्रांच की जांच में अतीकुर्रहमान का नाम प्रकाश में आया, लेकिन तब तक वह फरार हो चुका था। क्राइम ब्रांच उसे तलाश रही थी। मथुरा में अतीकुर्रहमान सहित चार युवकों के पकड़े जाने की जानकारी मुजफ्फरनगर क्राइम ब्रांच हो हुई तो उसे वहां जाने के लिए बी-वारंट की कार्यवाही शुरू की। तीन दिन पहले मुजफ्फरनगर की क्राइम ब्रांच के जांच अधिकारी निरीक्षक राजेंद्र यादव ने मथुरा जेल में बी-वारंट दाखिल किया है।
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आरोपी अतीकुर्रहमान
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क्राइम ब्रांच के जांच अधिकारी ने बताया कि अतीकुर्रहमान पीएफआई का सदस्य है और उसने मुजफ्फरनगर में वर्ष 2019 में दंगे भड़काने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। शुरुआत में उसका नाम सामने नहीं आया था, जब नाम प्रकाश में आया तो वह फरार हो चुका था। हमने मथुरा जेल में बी वारंट दाखिल किया है। उधर, विदेशी फंडिंग के मामले में चारों से ईडी ने भी पूछताछ की है।