फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

यूपीः मुस्लिम घरों में बने कब्रिस्तान, कहीं रसोई के पास 'अपनों' को दफनाया तो कहीं आंगन में

Fri, 14 Jun 2019 10:19 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Fri, 14 Jun 2019 10:19 AM IST
विज्ञापन
grave yard in home untold story of muslim family in achhnera village
छह पोखर में मुस्लिम परिवारों के घरों में बनीं कब्र - फोटो : अमर उजाला
आगरा जनपद में एक ऐसा गांव भी है जिसकी दास्तां सुनकर आप हैरान रह जाएंगे। इस गांव में रहने वाले मुस्लिम परिवारों ने अपने घरों में ही कब्रिस्तान बना लिया है। गांव में ये आलम है कि जहां परिवार के लिए खाना पकता है उसी के दो कदम पर एक कब्र है। परिवार के छोटे बच्चे अब डरने लगे हैं, घर में कब्रिस्तान के पीछे भी एक बजह है। 


 
grave yard in home untold story of muslim family in achhnera village
रसोई के पास बनी कब्र - फोटो : अमर उजाला
आगरा से करीब 25 किलोमीटर दूर किरावली ब्लॉक, अछनेरा में एक छोटा सा गांव है जिसका नाम है छह पोखर। इस गांव में तकरीबन 50 मुस्लिम परिवार रहते हैं। इन परिवारों के मुखिया मुंशी, वेद मास्टर, जाकिर हुसैन, फिरोज आदि की इस गांव में सातवीं पीढ़ी है। इनका कहना है कि परिवार में जब भी किसी का इन्तकाल होता है, हम उस की ज़नाज़े को अपने घर के आंगन में दफना देते है।
grave yard in home untold story of muslim family in achhnera village
घर में बनी कब्र पर अगरबत्ती जलाता बच्चा - फोटो : अमर उजाला
देश की आज़ादी के बाद से अब तक इस गांव में लोगों को दफनाने के लिए कब्रिस्तान नहीं है। घर में बुजुर्गों की कब्र हैं जिन्हें देखकर अब बच्चे और परिवार के लोग डरने लगे हैं। उन्हें के सामने लोगों को घरों में कब्र बनाकर दफना लेते हैं। आज ये वक्त आ गया है कि सामने चूल्हे पर रोटियां बन रही हैं और उसके दो कदम पर कब्र है। परिवार के लोगों के चहरे पर अब एक खौफ नजर आने लगा है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
grave yard in home untold story of muslim family in achhnera village
गांव छह पोखर के एक घर में बनी कब्र दिखाते परिवारीजन - फोटो : अमर उजाला
गांव के नूर मोहम्मद कहते हैं कि ताजमहल के शहर में लोगों को घरों में कब्र बनानी पड़ रही है, उनकी पत्नी और बच्ची की कब्र घर में ही मौजूद है। मंशी ठेकेदार का कहना है कि सार्वजनिक कब्रिस्तान नहीं है और उनके पास खेती या जगह भी नहीं है जहां वे अपनों को दफना सकें। बताते हैं कि परिवारवालों को घरों में दफनाना पड़ता है। ज्यादातर लोग शहर में मजदूरी करने के लिए सुबह ही निकल जाते हैं और शाम को लौटते हैं।
विज्ञापन
grave yard in home untold story of muslim family in achhnera village
गांव छह पोखर के एक घर में कब्र के निकट रसोईघर - फोटो : अमर उजाला
गांव छह पोखर की आबादी करीब चार हजार लोगों की है। यहां मिश्रित आबादी है। इस गांव में रहने वाले करीब 50 मुस्लिम परिवार के करीब 90 से ज्यादा वोट भी है। मुस्लिम नेता इदरीश अली का कहना है कि इस गांव में हिन्दुओं के लिए श्मशान तो है। लेकिन, मुस्लिमों के लिए कोई स्थाई कब्रिस्तान नहीं। इस गांव में एक दो मुस्लिम परिवारों को छोड़कर सभी भूमिहीन हैं।
 
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed