मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण की क्रीड़ा स्थली गिरिराज पूजा के प्राकट्य स्थल गोवर्धन धाम में पूजा के लिए जन सैलाब उमड़ पड़ा। गोवर्धन पूजा महोत्सव में देश-विदेश से आए श्रद्धालु भक्तों ने दीपावली के दिन गोवर्धन पर्वत की 21 किमी परिक्रमा लगाई। रात में मानसी गंगा के तट पर दीप दान किया।
शुक्रवार को विदेशी भक्तों की टोलियां गौड़ीय मठ आश्रम से गोवर्धन पूजा के लिए परिक्रमा मार्ग पर निकली तो गिरिराज जी धाम आस्था और भक्ति से सराबोर नजर आया। विदेशी महिला श्रद्धालु सिर पर दूध दही माखन, डलियों में पकवान के व्यंजन लेकर पर्वतराज गोवर्धन की पूजा करने तलहटी पहुंचीं। वहां दूध, दही, माखन, शहद, बूरा, गंगाजल, आदि जड़ी बूटियों से मिश्रण पंचामृत से अभिषेक किया। पूजा अर्चना के बाद गिरिराज महाराज को छप्पन भोग लगाए गए।
2 of 6
गोवर्धन पूजा 2021: परिक्रमा करते श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
अन्नकूट महोत्सव पर गिरिराज दानघाटी मंदिर, जतीपुरा के मुकुट मुखारविंद मंदिर, हरिगोकुल मंदिर, श्रीराधा दामोदर सेवाश्रम, कनक भवन आश्रम, राधा-कृष्ण संगम कुंड स्थित रघुनाथ दास गोस्वामी महाराज की गद्दी, वैष्णव सेवाश्रम आदि में कार्यक्रम आयोजित किए गए।
3 of 6
गोवर्धन पूजा: द्वारकाधीश मंदिर में श्रद्धालु
- फोटो : अमर उजाला
मथुरा के द्वारकाधीश मंदिर में भी गोवर्धन पूजा का आयोजन किया गया। यहां गोवर्धन पूजा में प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा भी शामिल हुए। इसके बाद उन्होंने गोवर्धन की परिक्रमा लगाई।
4 of 6
राधा कुंड श्याम कुंड पर जलाए गए दीप
- फोटो : अमर उजाला
दीपावली पर्व पर गिरिराज जी की नगरी पर परंपरागत दीपदान महोत्सव से झिलमिला उठी। आस्था और श्रद्धा में डूबे भक्तों ने मानसी गंगा, राधाकुंड एवं मंदिरों में दीपदान किया। दीयों से रोशनी से गिरिराज तलहटी जगमगा उठी।
5 of 6
गोवर्धन पूजा 2021: परिक्रमा मार्ग पर भक्तों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
दिवाली के अगले दिन गोवर्धन पूजा होती है। इसे अन्नकूट पूजा भी कहा जाता है। इस दिन गौ माता और गोवर्धन पर्वत की विशेष पूजा अर्चना की जाती है। गोवर्धन पूजा भगवान कृष्ण की लीला से जुड़ी हुई है।