आगरा में सिकंदरा स्थित अकबर का मकबरा और और बेबी ताज के नाम से मशहूर एत्माद्दौला स्मारक में मुख्य कब्रों के कक्ष में बनी गोल्डन पेंटिंग सहेजी जाएंगी। साल दर साल वक्त और मौसम के कारण पेंटिंग के रंग और चमक पर असर पड़ रहा है।
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सिकंदरा स्मारक में गोल्डन पेंटिंग
- फोटो : अमर उजाला
सिकंदरा और एत्माद्दौला दोनों ही स्मारकों में सीलन और नमी के कारण कुछ जगह पेंटिंग नष्ट होने के कगार पर हैं। ऐसे में एएसआई रसायन शाखा ने गोल्डन पेंटिंग सहेजने की कवायद शुरू कर दी है। इन पेंटिंग्स का रिकार्ड तैयार किया जा रहा है, जिसे पुराने रिकार्ड से मिलान कराया जाएगा।
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सिकंदरा स्मारक में गोल्डन पेंटिंग
- फोटो : अमर उजाला
एएसआई रसायन शाखा ने बीते साल लेह-लद्दाख के मठों में बनी प्राचीन पेंटिंग को संरक्षित करने की कवायद शुरू की है। उसी कड़ी में आगरा के स्मारकों, अकबर के मकबरे और एत्माद्दौला में मुगलकालीन गोल्डन पेंटिंग हैं जो कब्र कक्ष में प्रवेश करते हुए गेट पर ही बनी हैं।
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सिकंदरा स्मारक में गोल्डन पेंटिंग
- फोटो : अमर उजाला
चटकीले रंगों के साथ सुनहरी पेंटिंग सैलानियों को बरबस ही खींच लेती है। एएसआई रसायन शाखा इन पेंटिंग को सीलन और नमी से बचाने के लिए अध्यनन कर रहा है, जिसके बाद इन्हें सहेजने का काम शुरू किया जाएगा।
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अकबर का मकबरा, एत्माद्दौला स्मारक
ताजमहल का दीदार करने वाले ज्यादातर सैलानी इन स्मारकों पर भी जाते हैं। सिकंदरा स्थित अकबर का मकबरा 119 एकड़ में फैला हुआ है। वहीं एत्माद्दौला स्मारक की कई चीजें ऐसी हैं, जिन्हें बाद में ताजमहल बनाते समय अपनाया गया था।