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चंबल की बाढ़ः सैकड़ों परिवार हुए बेघर, मगरमच्छ के हमले के डर से उड़ी नींद

Sun, 22 Sep 2019 12:03 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Sun, 22 Sep 2019 12:03 PM IST
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Flood In Chambal River Villagers in Fears of crocodile Attacks Bah Agra   News
खादर के पानी में मगरमच्छ - फोटो : अमर उजाला
खतरे का निशान पार कर चुकी चंबल अब धीरे-धीरे सामान्य होने लगी है। शनिवार को भी इसके जलस्तर में छह मीटर की कमी आई। अब नदी का जलस्तर 121 मीटर हो गया है। हालांकि अभी भी खेत, खादर डूबे हुए हैं। वहीं पानी घटने के बाद गांवों में बर्बादी का ही मंजर है। घर-झोपड़ियां पानी की भेंट चढ़ गई हैं। इससे लोगों के सामने सिर छिपाने की समस्या खड़ी हो गई है। वहीं घरों में हुए नुकसान के आंकलन के लिए राजस्व विभाग की टीमें भेजी गईं हैं। 
Flood In Chambal River Villagers in Fears of crocodile Attacks Bah Agra   News
बाढ़ के पानी के साथ आए मगरमच्छ को पकड़ती वन विभाग की टीम - फोटो : अमर उजाला
चंबल का जलस्तर घटने के साथ ही बीहड़ के खादर में फंसे मगरमच्छ हमलावर हो गए हैं। चरने वाले पशुओं पर हमले और गांव की गलियों में घुसने से ग्रामीण दहशत में हैं। मऊ की मढै़या गांव में पुतई की बछिया, गोहरा में कमल सिंह के बकरे, खेड़ा राठौर में गाय पर मगरमच्छ के हमले हो चुके हैं। बीहड से लेकर गांव की गलियों तक मगरमच्छ के हमले ने ग्रामीणों को दहशत से भर दिया है। शनिवार को गोहरा और खेड़ा राठौर के बीच खादर में फंसे मगरमच्छ को मौके पर पहुंचे रेंजर आरके सिंह राठौर ने पकड़वाया और चंबल के पिनाहट घाट पर छुड़वा दिया। उन्होंने बताया कि वन विभाग की टीमें खादर में भटके मगरमच्छ, घडियालों को नदी में पहुंचाने के काम कर रही हैं। 
Flood In Chambal River Villagers in Fears of crocodile Attacks Bah Agra   News
स्टीमर से जाते लोग - फोटो : अमर उजाला
बाढ़ से गोहरा, उमरैठापुरा, झरनापुरा, रेहा, भगवानपुरा आदि गांवों की सड़कें क्षतिग्रस्त हो गई है। सड़कों की जगह पर नदी कीचड़ और दलदल हो गया। मऊ की मढै़या, रानीपुरा, भटपुरा, गुढ़ा, पुराडाल आदि गांवों के कच्चे रास्ते अभी भी जलमग्न हैं। दलदल और कीचड़ भरे रास्तों ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। चंबल की बाढ़ से बाह के 17 गांवों का संपर्क टूट गया था। अब सभी रास्ते खुल गए हैं। वन विभाग ने अपने स्टीमर हटा लिए हैं। रेंजर आरके सिंह राठौर ने बताया कि विभाग ने रानीपुरा, भटपुरा, गोहरा, भगवानपुरा, गुढ़ा, झरनापुरा में स्टीमर चलाया था। 
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बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में पहुंचे उपजिलाधिकारी महेश प्रकाश गुप्ता - फोटो : अमर उजाला
चंबल नदी की बाढ़ ने कछार के 35 से अधिक गांवों में जबरदस्त तबाही मचाई है। सैकड़ों परिवारों को बेघर कर दिया। इन लोगों के खाने-पीने के लाले पड़े हुए हैं। वहीं बाढ़ से बिजली विभाग को भी भारी नुकसान हुआ है। पिनाहट खंड के ही 12 गांव कछियारा, डोगरा, बरेंडा, रैहा, मनसुखपुरा, उमरैठा पुरा, क्योरीपुरा, बासोनी आदि में आठ दिनों से आपूर्ति ठप है। लाइनें और ट्रांसफार्मर पानी में डूब गए थे। उपजिलाधिकारी महेश प्रकाश गुप्ता ने 24 घंटे के भीतर बिजली बहाली के निर्देश दिए हैं। बिजली विभाग के अधिकारियों की मानें तो इन गांवों में करीब 30 ट्रांसफार्मर डूबे थे। करीब 200 खंभे टूट गए हैं। 10 किलोमीटर की विद्युत लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। विभाग नुकसान का आंकलन करने में जुटा है। 
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स्वास्थ्य विभाग की टीमें एंबुलेंस के साथ पहुंची - फोटो : अमर उजाला
एसीएमओ  डॉ वीरेंद्र भारती के नेतृत्व में प्रभावित गांवों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें एंबुलेंस के साथ पहुंची। गांवों में फॉगिंग कराई गई। झरनापुरा गांव में पहुंची टीम ने 30 रोगियों का उपचार किया। रानीपुरा भटपुरा के लिए रास्ता न होने की वजह से टीम ने एंबुलेंस में ही शिविर लगाया। यहां पर 25 रोगी पहुंचे। गोहरा, पुरा शिवलाल, उमरैठापुरा में भी वायरल से पीड़ितों को दवा दी गई। 
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