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लठामार होली में पहली बार होने जा रहा यह काम, दिखेगा द्वापर युग जैसा जीवंत नजारा
Thu, 14 Mar 2019 11:16 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Thu, 14 Mar 2019 11:16 AM IST
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अष्टसखी गांव की महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
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अष्टसखी गांव की हुरियारिन
लठामार होली खेलतीं हुरियारिन (फाइल)
फाइल फोटो
अब तक बरसाना की होली में सिर्फ कस्बे की ही महिलाएं सहभागिता करती नजर आती थी। लेकिन अब अष्टसखी गांव की महिलाएं भी इस होली में हिस्सा लेंगी। बरसाना की होली हो अष्टसखी गांव की हुरियारिन हो तो बात ही कुछ निराली होगी। पहली बार अष्टसखी गांव की महिलाओं को यह मौका मिला है।
अब तक बरसाना की होली में सिर्फ कस्बे की ही महिलाएं सहभागिता करती नजर आती थी। लेकिन अब अष्टसखी गांव की महिलाएं भी इस होली में हिस्सा लेंगी। बरसाना की होली हो अष्टसखी गांव की हुरियारिन हो तो बात ही कुछ निराली होगी। पहली बार अष्टसखी गांव की महिलाओं को यह मौका मिला है।
अष्टसखी गांव की महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
अष्टसखी गांव की हुरियारिन
गांव डवाला की सरोज शर्मा ने कहा कि बरसाना की होली देखी तो बहुत, लेकिन पहली बार नंदगांव के हुरियारों के साथ होली खेलने का मौका मिलेगा। मैंने पूरी तैयारी भी कर ली है। गांव कमई की कमलेश ने बताया कि हुरियारों पर अपनी प्रेमपगी लाठी बरसाने को मैं काफी उत्साहित हूं। क्योंकि हम राधा की अष्टसखियों के रूप मे कान्हा के सखाओं के साथ होली खेलेंगे।
गांव डवाला की सरोज शर्मा ने कहा कि बरसाना की होली देखी तो बहुत, लेकिन पहली बार नंदगांव के हुरियारों के साथ होली खेलने का मौका मिलेगा। मैंने पूरी तैयारी भी कर ली है। गांव कमई की कमलेश ने बताया कि हुरियारों पर अपनी प्रेमपगी लाठी बरसाने को मैं काफी उत्साहित हूं। क्योंकि हम राधा की अष्टसखियों के रूप मे कान्हा के सखाओं के साथ होली खेलेंगे।
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अष्टसखी गांव की महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
अष्टसखी गांव की हुरियारिन
ऊंचागांव की पूजा ने कहा कि होली देखने के लिए लाखों लोग आते हैं लेकिन अष्टसखी गांव की महिलाओं को आजतक कभी इस होली में नायिका बनने का मौका नही मिला। गांव सुनहरा की पल्लवी शर्मा ने कहा कि भले ही हमारा गांव राजस्थान की सीमा में पड़ता है, लेकिन हर बार बरसाना की होली देखने का मौका मिला। अबतक सौभाग्य नही मिला था।
ऊंचागांव की पूजा ने कहा कि होली देखने के लिए लाखों लोग आते हैं लेकिन अष्टसखी गांव की महिलाओं को आजतक कभी इस होली में नायिका बनने का मौका नही मिला। गांव सुनहरा की पल्लवी शर्मा ने कहा कि भले ही हमारा गांव राजस्थान की सीमा में पड़ता है, लेकिन हर बार बरसाना की होली देखने का मौका मिला। अबतक सौभाग्य नही मिला था।
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लठामार होली
- फोटो : अमर उजाला
फाइल फोटो
गांव रांकोली की प्रेमवती शर्मा ने बताया कि प्रेमपगी लाठी बरसाने को उत्साहित हैं। बार बार सोचकर मन बड़ा प्रफुल्लित हो रहा है की हमे भी होली की नायिका बनने का मौका मिल रहा है। इनके अलावा किशोरी शर्मा, पूनम शर्मा और प्रीति शर्मा भी लठामार होली खेलने के लिए उत्साहित हैं। ये हुरियारिन लट्ठों को तैयार करने में जुटी हैं।
गांव रांकोली की प्रेमवती शर्मा ने बताया कि प्रेमपगी लाठी बरसाने को उत्साहित हैं। बार बार सोचकर मन बड़ा प्रफुल्लित हो रहा है की हमे भी होली की नायिका बनने का मौका मिल रहा है। इनके अलावा किशोरी शर्मा, पूनम शर्मा और प्रीति शर्मा भी लठामार होली खेलने के लिए उत्साहित हैं। ये हुरियारिन लट्ठों को तैयार करने में जुटी हैं।