देश में स्वच्छता को लेकर कई अभियान चलाए जा रहे हैं। इसका असर भी देखने को मिल रहा है। गांव और शहरों में सफाई और स्वच्छता को लेकर लोगों में जागरूकता आई है। फिरोजाबाद जिले के कस्बा शिकोहाबाद में सड़क किनारे झोपड़ी में रहने वाला एक परिवार इसकी बानगी है। यह परिवार झोपड़ी में रहकर स्वच्छता की अलख जगा रहा है।
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चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की झोपड़ी के बाहर बनी रंगोली
- फोटो : अमर उजाला
शिकोहाबाद स्थित पाली इंटर कॉलेज में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भूरा वाल्मीकि का परिवार पहले कॉलेज परिसर में बने एक कमरे में रहता था, लेकिन प्रबंध समिति ने उसे कॉलेज से बाहर निकाल दिया। इससे यह परिवार सड़क किनारे झोपड़ी में रहने लगा। भूरा ने झोपड़ी में ही अपना खूबसूरत आशियाना बसा लिया है।
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चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की झोपड़ी के बाहर बनी रंगोली
- फोटो : अमर उजाला
इस परिवार ने इस छोटे से आशियाने को बहुत खूबसूरत तरीके से सजाया है। इससे आज यह झोपड़ी साफ-सफाई के लिए पूरे कस्बे में अपनी पहचान बना चुकी है। इसके अंदर और बाहर खूबसूरत रंगोली और साफ-सफाई हर किसी का ध्यान आकर्षित करती है। स्टेशन मार्ग से गुजरने वाले हर कोई इस झोपड़ी को एक नजर जरूर देखता है।
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स्वदेशी समाज सेवा समिति ने किया परिवार को सम्मानित
- फोटो : अमर उजाला
सड़क किनारे झोपड़ी में रहकर स्वच्छता की अलख जगाने वाले परिवार को शुक्रवार को स्वदेशी समाज सेवा समिति और नगर पालिका अध्यक्ष के प्रतिनिधि ने सम्मानित किया। समिति के सदस्य डॉ. अजब सिंह ने कहा कि अगर सभी लोग इस तरह का प्रयास करें तो नगर पालिका को प्रदेश की नगर पालिकाओं में प्रथम स्थान दिलाने से कोई नहीं रोक सकता।
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चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की पत्नी मीना और उनकी बेटी
- फोटो : अमर उजाला
भूरा वाल्मीकि इस छोटे से आशियाने में पत्नी, दो बेटियों और दो पोतों के साथ रहते हैं। पुत्र और बहू दूसरे शहर में रहते हैं। भूरा की पत्नी ने मीना ने कहा कि इंसान जहां भी रहे, साफ-सफाई रखनी चाहिए। उन्होंने बताया कि झोपड़ी में शौचालय नहीं है। इससे परिवार के लोगों को सार्वजनिक शौचालय में जाना पड़ता है।