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एक्सक्लूसिव: ताजमहल के टिकटों से 145 करोड़ रुपये की कमाई, पढ़ें आंकड़े
Wed, 02 Jan 2019 02:07 AM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 02 Jan 2019 02:07 AM IST
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ताज महल
- फोटो : अमर उजाला
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ताजमहल के टिकटों की बिक्री से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एडीए) और आगरा विकास प्राधिकरण के खजाने में 145 करोड़ रुपये से ज्यादा आए हैं। साल 2018 में ताजमहल के टिकटों की बिक्री के कारण सबसे ज्यादा खजाना एएसआई का भरा है। यह हाल तो ताजमहल के पूर्वी और पश्चिमी गेट काउंटरों से हुई टिकटों की बिक्री का है। ऑनलाइन टिकटों की बिक्री के आंकड़े सार्वजनिक किए जाएंगे तो 50 से 60 करोड़ रुपये की कमाई और बढ़ जाएगी।
ताज महल
- फोटो : अमर उजाला
ताजमहल पर भारतीय पर्यटकों के लिए टिकट दर 50 और विदेशियों के लिए 1100 रुपये है। सार्क और बिम्सटेक देशों के सैलानियों के लिए 540 रुपये का टिकट है। इसके अलावा 10 दिसंबर से मुख्य गुंबद तक जाने के लिए 200 रुपये का अतिरिक्त शुल्क लगाया गया है। साल 2018 में ताजमहल के टिकट काउंटरों से 61 लाख भारतीय और 9 लाख विदेशी पर्यटकों की टिकटें बिकी हैं।
- फोटो : अमर उजाला
2018 में इस तरह करीब 145 करोड़ रुपये की कमाई केवल टिकटों की बिक्री से ही हुई है। इसमें 55 करोड़ रुपये से ज्यादा आगरा विकास प्राधिकरण के खजाने में पथकर के रूप में जाएंगे। प्राधिकरण विदेशियों से 500 रुपये और भारतीय पर्यटकों से 10 रुपये पथकर के रूप में वसूलता है। काउंटर के मुकाबले ऑन लाइन टिकटों की बिक्री इन दिनों लगभग आधी है। एएसआई के पास ऑन लाइन टिकटों की बिक्री का आंकड़ा नहीं है। ऐसे में 50 फीसदी भी पर्यटक माने गए तो खजाने में 50 से 60 करोड़ रुपये और बढ़ सकते हैं।
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ताज महल
- फोटो : अमर उजाला
मुख्य गुंबद पर स्टेप टिकट से भरा खजाना
ताजमहल पर एएसआई ने भीड़ प्रबंधन के नाम पर 200 रुपये का अतिरिक्त टिकट मुख्य गुंबद के लिए लगा दिया। चमेली फर्श से ऊपर वही पर्यटक जा सकते हैं, जिन्होंने 200 रुपये का टिकट लिया हो। शुरूआत में तो 35 फीसदी पर्यटक ही ताज का टिकट ले रहे थे, लेकिन बाद में 50 फीसदी भारतीय और 99 फीसदी विदेशी पर्यटक 200 रुपये के अतिरिक्त टिकट को खरीदने लगे।
ताजमहल पर एएसआई ने भीड़ प्रबंधन के नाम पर 200 रुपये का अतिरिक्त टिकट मुख्य गुंबद के लिए लगा दिया। चमेली फर्श से ऊपर वही पर्यटक जा सकते हैं, जिन्होंने 200 रुपये का टिकट लिया हो। शुरूआत में तो 35 फीसदी पर्यटक ही ताज का टिकट ले रहे थे, लेकिन बाद में 50 फीसदी भारतीय और 99 फीसदी विदेशी पर्यटक 200 रुपये के अतिरिक्त टिकट को खरीदने लगे।
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इस तरह विदेशी पर्यटक 1100 की जगह 1300 और भारतीय सैलानी 50 की जगह 250 रुपये का टिकट खरीदने लगे है। हर पर्यटक के लिए 200 रुपये का यह शुल्क होने के कारण एएसआई के खजाने में महज दिसंबर के महीने में ही 8 करोड़ रुपये ज्यादा आए हैं। मुख्य गुंबद के टिकट से एएसआई का खजाना चार गुना तक ज्यादा भर जाएगा।