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दोहरा हत्याकांडः आठ घंटे झूठ बोलता रहा हत्यारोपी, परिवार से भी कहा था कुछ ऐसा
Tue, 02 Jul 2019 12:07 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Tue, 02 Jul 2019 12:07 AM IST
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मृतक प्रधानाचार्य के परिजन
- फोटो : अमर उजाला
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दोहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी धीरज ने 29 जून को पहले प्रधानाचार्य विजय कुमार झा के परिवार को गुमराह किया। इसके बाद पुलिस को। कुल आठ घंटे तक वह कहता रहा कि झा उससे मिले ही नहीं। झा की पत्नी शीला से कहा, वह मेरे गुरु जी हैं, उनके साथ गलत करने की सोच भी नहीं सकता। आठ घंटे बाद पुलिस ने उसे जैसे ही एक थप्पड़ मारा, उसने सच उगल दिया।
पुलिस की गिरफ्त में हत्यारोपी
- फोटो : अमर उजाला
विजय कुमार झा घर से जब निकले थे, तब पत्नी शीला को बताया कि वह डा. भीमराव आंबेडकर स्कूल, कोलक्खा जा रहे हैं। विजय कुमार के घर नहीं आने पर शनिवार सुबह पत्नी ने धीरज को फोन किया। इस पर वह घर आ गया। चाय पीने के बाद उससे पति के बारे में पूछताछ की। उससे यह भी कहा कि कुछ गलत किया है तो बता दो। वह उसके बारे में किसी से कुछ नहीं कहेंगी।
प्रधानाचार्य विजय कुमार और स्कूल संचालक सुरेंद्र कुमार लवानिया (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
विजय ने कहा है कि मैं उनका (विजय कुमार) शिष्य हूं। उन्होंने मुझे सब कुछ सिखाया है। मैं कभी उनके साथ गलत नहीं कर सकता हूं। उसकी बातों पर शक होने पर शीला ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस उसे पकड़कर थाने ले गई थी। पुलिस से उसने कहा कि शायद उनका अपहरण हो गया हो। पुलिस स्कूल पहुंची तो वहां ऐसा कुछ नहीं मिला जिससे हत्या की जानकारी मिले। इसके बाद पुलिस ने धीरज को थप्पड़ जड़ा तो उसने बता दिया कि हत्या करके शव स्कूल में ही गाढ़ दिए हैं।
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प्रधानाचार्य की हत्या के बाद जानकारी देते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
सुरेंद्र लवानिया और विजय कुमार झा की हत्या 28 जून की दोपहर में की गई थी। दोनों के शव स्कूल के ऑफिस में पड़े थे। धीरज, उसके भाई घर चले गए थे। रात को डिनर पर सभी साथ थे। पुलिस ने बताया कि धीरज ने मां से कहा, आज हम तीनों भाई स्कूल में खून करके आए हैं। यह सुन पिता पप्पूराम भड़क गए लेकिन, थोड़ी देर बाद बोले, लाशें स्कूल में क्यों छोड़ीं? वहां कोई जाएगा, तो भेद खुल जाएगा। इसके बाद पप्पूराम, धीरज, संदीप, नीरज स्कूल गए और गड्ढा खोदकर दोनों लाशों को उसमें गाढ़कर आए।
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प्रधानाचार्य की हत्या के बाद जानकारी देते परिजन
- फोटो : अमर उजाला
धीरज को पता था कि लाशों को छिपाने के लिए खोदे गए गड्ढे के ऊपर गीली मिट्टी देखकर पुलिस को शक हो जाएगा। इसलिए उसने रात में एक ट्रैक्टर से मिट्टी स्कूल में मंगवाई थी। इसके बाद मिट्टी को स्कूल में फैला दिया था, जिससे पुलिस आए भी तो यह लगे कि पूरे स्कूल में ही मिट्टी डलवाई गई है।