दिवाली पर सबसे ज्यादा भीड़भाड़ वाले बाजारों में शुमार है आगरा का शाहगंज बाजार। दीपोत्सव शुरू होने से पांच दिन पहले ही बाजार रोशनी से सज गया था। केवल दिवाली नहीं, बल्कि होली, रक्षाबंधन, स्वतंत्रता दिवस जैसे पर्व पर भी शाहगंज बाजार सजावट से अपनी अलग ही पहचान बनाता रहा है।
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शाहगंज बाजार में मूर्ति खरीदती युवती
- फोटो : अमर उजाला
70 सालों में यहां के दुकानदारों ने साख के बूते मध्यम वर्ग के ग्राहकों को अपने साथ जोड़ा है। महिलाओं की पसंद का बाजार है शाहगंज, जहां साड़ियां, रेडीमेड कपड़े, किचन की जरूरतों का सामान, कॉस्मेटिक्स, सराफा, फुटवियर समेत कई उत्पाद उन्हें किसी और बाजार का रुख नहीं करने देते। 70 साल से एक साथ दिवाली के त्योहार को मनाने की परंपरा इस बाजार में कायम है।
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शाहगंज बाजार में भीड़
- फोटो : अमर उजाला
देश के विभाजन के बाद सिंध से बड़ी संख्या में आए सिंधी समुदाय के लोग शाहगंज में बस गए। इसके बाद शाहगंज में बाजार का फैलाव होता गया। केवल शहरी क्षेत्र ही नहीं, बल्कि पथौली, मिढ़ाकुर, बरारा, सहारा, फतेहपुर सीकरी, अछनेरा, किरावली क्षेत्र के गांव के लोगों के लिए शाहगंज बाजार ही खरीदारी का बड़ा केंद्र है। इन क्षेत्रों के लोगों की सहालग की खरीदारी शाहगंज से ही होती है।
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दिवाली के मौके पर शाहगंज बाजार में भीड़
- फोटो : अमर उजाला
शाहगंज व्यवसाय समिति के अध्यक्ष कुष्ण कुमार जग्गी ने बताया कि पुलिस लाइन, एयरफोर्स परिसर के लोगों की जरूरत का सामान शाहगंज में मिलता है, इसलिए यहां धीमे-धीमे हर ट्रेड जमता चला गया। हमने उनकी जरूरतें समझीं और उसी के मुताबिक प्रोडक्ट रखने लगे। पुराने शहर की तरह हमारे ग्राहक भी पीढ़ी दर पीढ़ी विश्वास कर रहे हैं।
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शाहगंज बाजार में खरीदारी करते लोग
- फोटो : अमर उजाला
महामंत्री सुनील कर्मचंदानी ने बताया कि घर में शादी हो या कोई त्योहार, शाहगंज बाजार सभी जरूरतें पूरी करता है। ऐसा कोई सामान नहीं, जो हमारे बाजार में आया ग्राहक किसी दूसरे बाजार में तलाशने जाए। मध्यम वर्ग के ग्राहकों की हम पहली पसंद हैं। रेट और क्वालिटी में हमारे बाजार ने साख बनाई है।