जनवरी की सर्दी सितम ढहा रही है। ऐसे में इंसान तो कांप ही रहे हैं, भगवान को भी ठंड से बचाने के लिए तरह-तरह के जतन किए जा रहे हैं। मथुरा के मंदिरों में ठाकुरजी को ठंड न लग जाए, इसलिए उनके भोग में भी बदलाव किया गया है। भाव सेवा के अनुरूप भक्त अपने लाडले की सेवा कर रहे हैं। सर्दी बढ़ने के साथ ही ठाकुरजी के खानपान से लेकर उनके पहनावे में भी बदलाव आ गया है। ठाकुरजी को जहां गर्म खाद्य पदार्थ निवेदित किए जा रहे हैं, वहीं रात में रजाई ओढ़ाई जा रही है। तपिश देने के लिए उनके शयन कक्ष में अंगीठी भी रखी जा रही है।
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द्वारिकाधीश मंदिर में राधाकृष्ण के श्रीविग्रह को ओढ़ाई गई रजाई
- फोटो : अमर उजाला
मथुरा के द्वारिकाधीश मंदिर में राजाधिराज को सर्दी से बचाव के लिए रुई की बंडी, रुई की रजाई के साथ ही ठाकुरजी का पर्दा भी रुई का लगाया गया है। ठाकुरजी को केसर, पिस्ता जयवत्री, सौंठ, लोंग और इलाइची के मिश्रण से तैयार हुए सुहाग-सौंठ के साथ गर्म केसर दूध निवेदित किया रहा है। इसके साथ शयन में सूजी का हलवा दिया जा रहा है।
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द्वारिकाधीश मंदिर में दर्शन करते श्रद्धालु (फाइल)
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सेवायतों का कहना है कि ठाकुरजी को ठंड का एहसास न हो, इसके जतन किए जा रहे हैं। द्वारिकाधीश मंदिर के विधि एवं मीडिया प्रभारी राकेश तिवारी ने बताया कि जगमोहन में भी पर्दे रुई के लगाए जा रहे हैं। रात आरती के बाद ठाकुरजी को रजाई ओढ़ाई जा रही है। ठाकुरजी के शयन कक्ष में अंगीठी रखी जा रही है।
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मथुरा के केशवदेव मंदिर में ठाकुरजी का श्रीविग्रह
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मल्लपुरा स्थित प्राचीन केशवदेव मंदिर में ठाकुरजी को ऊनी बगलबंदी के साथ पैरों में मोजे के साथ शयन में रजाई ओढ़ाई जा रही है। पंच मेवायुक्त लड्डू का भोग लगाया जा रहा है। शयन में गर्म केसर दूध निवेदित किया जा रहा है। इसके साथ ही मां चामुंडा मंदिर, राधा मोहन मंदिर, बिरला मंदिर, गोपीनाथ मंदिर, रंगेश्वर मंदिर, राधाकृष्ण मंदिर में गर्म कपड़े धारण व अंगीठी रखकर ठाकुरजी को ठंड से बचाने के जतन किए जा रहे हैं।
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ठाकुरजी के लिए बाजार में आईं गर्म पोशाक
- फोटो : अमर उजाला
मंदिरों के साथ-साथ घरों में भी नियमित पकवानों के अलावा ठाकुरजी के खानपान में सर्दी के मेवों और गोंद की मिठाइयों के व्यंजन शामिल किया गया है। रात को शयन शृंगार उतारने के बाद ठाकुरजी को रजाई ओढ़ाई जा रही है। बाजार में भी ठाकुरजी के लिए तरह-तरह की गर्म पोशाक आई हैं।