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आगरा: पांच मौतों से आंसुओं में डूबा परतापुरा गांव, लाशें उठते ही मची चीत्कार, एक साथ जलीं चिताएं

Wed, 17 Mar 2021 11:09 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Wed, 17 Mar 2021 11:09 AM IST
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Cremation Of Five People Together Died In Toilet Pit Agra News
आगरा में हुए हादसे के बाद गांव में मौजूद लोग - फोटो : अमर उजाला
फतेहाबाद के गांव परतापुरा में सेप्टिक टैंक की जहरीली गैस से मंगलवार शाम को पांच युवकों की मौतों के बाद गांव परतापुरा में कोहराम मचा हुआ है। बुधवार सुबह लाशें उठते ही गांव में चारों तरफ चीत्कार मच गई। करुण क्रंदन गूंजने लगा। हर आंख नम हो गई। मानों ऐसा लग रहा था कि आंखों से आंसुओं का सैलाब आ गया हो। फतेहाबाद के जोनेश्वर घाट पर एक साथ पांच चिताएं जलीं। उधर, तीन बेटों की मौत से पिता सुरेंद्र और मां राधा बेसुध हैं। मां का कलेजा ही फटा जा रहा था। उन्हें परिवार की महिलाएं किसी तरह संभाल रही थीं। आगे की स्लाइड में पढ़िए पूरी दर्दनाक घटना...
Cremation Of Five People Together Died In Toilet Pit Agra News
आगरा में हादसा: शौचालय के गड्ढे में जान गंवाने वालों के फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
बता दें कि फतेहाबाद क्षेत्र के गांव परतापुरा निवासी सुरेंद्र पुत्र किरोड़ी लाल के घर के बाहर तीन दिन पहले शौचालय का सेप्टिक टैंक (सोखता) बनाने के लिए गड्ढा खोदा गया था। इस गड्ढ़े से तीन फीट की दूरी पर पुराना सेप्टिक टैंक भी था। यह भरा हुआ था। सुरेंद्र गड्ढे को पक्का नहीं करवा सके थे। खेत पर काम कर रहे थे। गड्ढे में पुराने टैंक से गंदा पानी आ गया था। जहरीली गैस का रिसाव हो गया था। मंगलवार को पानी रोकने के लिए सुरेंद्र का बेटा अविनाश (16) उतरा था। जहरीली गैस से वह गड्ढे में ही गिर पड़ा था। उसे बचाने को गड्ढे में उतरे हरिमोहन (17), अनुराग (14), चचेरा भाई सोनू (30) भी बेहोश हो गए। बाद में पड़ोसी योगेश बघेल उतरा था। वह भी गैस की चपेट में आ गया। पांचों को ग्रामीणों ने निकाला था। इसके बाद अस्पताल ले गए, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। देर रात पुलिस ने मृतकों के शवों के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराई। गांव में पांचों के शव पहुंचते ही कोहराम मच गया। बुधवार सुबह आठ बजे गमगीन माहौल में पांचों की लाशें उठाई गईं। इसके बाद परिजन शवों को जोनेश्वर घाट पर ले गए। चार भाई अविनाश, हरिमोहन, अनुराग, सोनू को मुखाग्नि भाई मोनू ने दी, जबकि योगेश को मुखाग्नि भतीजे आशीष ने दी। पांच चिताएं एक साथ जलीं। 
Cremation Of Five People Together Died In Toilet Pit Agra News
हादसे के बाद बेसुध मां - फोटो : अमर उजाला
मां राधा और पिता सुरेंद्र ने एक नहीं, बल्कि तीन बेटों को एक साथ खो दिया। 15 मिनट में उनकी दुनिया ही उजड़ गई। उनका वंश भी नहीं बचा। सुरेंद्र और राधा के आंसू सूख चुके हैं। वह दोनों बेसुध हो गए हैं। रिश्तेदार किसी तरह दोनों को संभाल रहे हैं। मां जब भी बोलती हैं तो एक ही बात कहती है कि बेटों को कोई लौटा दे। अपनी गोद में उठा लेंगी। फिर कभी अपने पास से दूर नहीं जाने देंगी। भगवान तुमने ऐसा क्यों कर दिया। अब कौन उनका सहारा बनेगा। मां के आंसुओं को देखकर गांव परतापुरा में हर आंख नम हो गई। यही कुछ हाल योगश और सोनू के घरवालों का भी था। पांच बच्चों की मौत से गांव में बुधवार को भी चूल्हे नहीं सुलगे। हर कोई इस भयावह हादसे को याद करके सिहर उठता है। 
 
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उमाशंकर और मोनू ने गड्ढे से निकाले पांचों - फोटो : अमर उजाला
उमाशंकर और मोनू ने गड्ढे से निकाले पांचों 
पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद गांव परतापुरा निवासी उमाशंकर ने बताया कि हादसे की जानकारी पर पहुंच गए। उन्हें पहले पता था कि सेप्टिक टैंक में गैस बनती है। यह जहरीली होती है। पुराने कुएं की सफाई के बारे में वह जानते थे। सबसे पहले खाली बाल्टी रस्सी से बांधकर डाली जाती थी। ऐसा करने से कुएं में बनी गैस की परत टूट जाती थी। गड्ढे में पांचों बच्चों के गिरने पर पर ऐसा ही किया। खाली बाल्टी से पानी हिलाया। इसके बाद बाल्टी बाहर निकाल ली। इसके बाद मरने वाले सोनू के भाई मोनू की कमर में रस्सी बांध दी। वह नीचे उतरा। वह नीचे गया। इसके बाद सब को निकाला। उमाशंकर का कहना था कि पांचों के गिरने के बाद जानकारी मिली थी। अगर, पहले वाले के बेहोश होने पर ही पता चल जाता तो वह बाकी को नीचे नहीं उतरने देते। 
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आगरा में हादसा: इसी शौचालय के गड्ढे में गईं पांच की जान - फोटो : अमर उजाला
दम घुटने से हुई पांचों की मौत
पुलिस ने देर रात पांचों के शवों का पोस्टमार्टम कराया था। एसपी पूर्वी के वेंकट अशोक ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण जहरीली गैस से होना आया है। जहरीली गैस से पांचों का दम घुट गया। शरीर में आक्सीजन की कमी होने की वजह से पांचों की मौत हो गई। साढ़े पांच बजे यह घटना हुई थी। पांचों की मौत में 15 मिनट का समय लगा। उन्हें संभलने तक का मौका नहीं मिला।
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