फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

श्रीकृष्ण जन्मभूमि: अदालत ने कहा- भक्त होना दावा करने के लिए पर्याप्त नहीं, याचिका खारिज

Fri, 02 Oct 2020 12:04 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मथुरा Published by: मुकेश कुमार Updated Fri, 02 Oct 2020 12:04 AM IST
विज्ञापन
Court dismisses petition of Shri Krishna Janmabhoomi claim in mathura
श्रीकृष्ण जन्मस्थान - फोटो : अमर उजाला
मथुरा की स्थानीय अदालत में श्रीकृष्ण जन्मभूमि के मालिकाना हक को लेकर उनके भक्तों की ओर से दाखिल याचिका पर बुधवार को सुनवाई हुई। इस दौरान अधिवक्ता हरिशंकर जैन ने बहस की। वादी पक्ष के अधिवक्ताओं ने द्वापर युग से कलियुग तक जन्मभूमि का इतिहास बताया। करीब 500 वर्ष में मंदिर कितनी बार टूटा और बना। इसकी भी जानकारी दी गई। लेकिन न्यायालय ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि भक्त होना दावा करने के लिए पर्याप्त नहीं है। 



संबंधित खबर: मथुरा: अदालत ने खारिज की 'श्रीकृष्ण विराजमान' की याचिका, वादी अब हाईकोर्ट में करेंगे अपील
 
Court dismisses petition of Shri Krishna Janmabhoomi claim in mathura
वादी और अधिवक्तागण - फोटो : अमर उजाला
जन्मभूमि पर मालिकाना हक के लिए 25 सितंबर को सिविल कोर्ट में भगवान श्रीकृष्ण विराजमान की ओर से अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री समेत छह भक्तों ने याचिका दाखिल की थी। इस पर बुधवार को एडीजे-2 पॉक्सो एक्ट की न्यायाधीश छाया शर्मा ने सुनवाई की। वादी की ओर से अधिवक्ता हरिशंकर जैन, विष्णु शंकर जैन ने द्वापर से कलियुग तक मंदिर के टूटने तथा बनने से संबंधित तथ्य कोर्ट के सामने रखे। 
Court dismisses petition of Shri Krishna Janmabhoomi claim in mathura
श्रीकृष्ण जन्मभूमि मथुरा - फोटो : अमर उजाला
अधिवक्ताओं ने श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान और कमेटी ऑफ मैनेजमेंट ट्रस्ट शाही ईदगाह मस्जिद के बीच हुए समझौते और डिक्री (न्यायिक निर्णय) को गलत बताया। अधिवक्ताओं ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण विराजमान के भक्त होने के नाते यह याचिका दाखिल की है। शाम करीब पांच बजे अदालत ने याचिका को खारिज कर दिया और कहा कि भक्त होना यह दावा करने के लिए पर्याप्त नहीं है। 
विज्ञापन
विज्ञापन
Court dismisses petition of Shri Krishna Janmabhoomi claim in mathura
श्रीकृष्ण जन्मभूमि के बराबर में मस्जिद - फोटो : अमर उजाला
अधिवक्ता हरीशंकर जैन ने बताया कि उन्होंने अदालत को बताया कि जहां पर भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ, वह कंस की जेल थी और उस स्थान पर शाही ईदगाह मस्जिद खड़ी है। उन्होंने कहा कि क्या उन्हें यह अधिकार नहीं कि वह वहां जाकर पूजा-अर्चना करें। उन्होंने अदालत को इतिहास बताते हुए कहा कि औरंगजेब ने 33 लाख की लागत से बनवाए गए भव्य मंदिर को न केवल तोड़वा दिया बल्कि उसकी मूर्ति को आगरा की मस्जिद की सीढ़ियों के नीचे दफन कर दिया । 
विज्ञापन
Court dismisses petition of Shri Krishna Janmabhoomi claim in mathura
श्रीकृष्ण जन्मभूमि - फोटो : अमर उजाला
वादी अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री ने बताया कि हमारे रास्ते अभी खुले हुए हैं। हम आगे जाएंगे और इस अदालत द्वारा दिए गए निर्णय को चुनौती देंगे। हमारे अंदर आस्था है और हम न्यायिक प्रक्रिया के तहत भगवान श्रीकृष्ण विराजमान को 13.37 एकड़ की भूमि पर मालिकाना हक दिलाएंगे। वादी अधिवक्ता हरीशंकर जैन ने कहा कि अब हम इस मामले को लेकर अग्रिम अदालत जिला जज या फिर हाईकोर्ट में जाने संबंधी निर्णय लेगे। अभी हमने निर्णय का अध्ययन नहीं किया है।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed