बरेली-मथुरा सिक्स लेन हाईवे पर इमरजेंसी लैंडिंग के वक्त प्रशिक्षु विमान 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया था। गनीमत रही कि हादसे के वक्त तार में करंट नहीं दौड़ रहा था। यदि विमान में करंट दौड़ जाता तो महिला पायलट की जान जा सकती थी वहीं, विद्युत तार से टकराने पर चिंगारी उठती तो विमान में आग भड़क सकती थी और विस्फोट भी हो सकता था। मगर विमान जिस विद्युत लाइन से टकराया था, वह लंबे समय से बंद चल रही है।
विद्युत निगम के जेई जय गोविंद ने बताया कि विमान हादसे के समय जिस हाईटेंशन लाइन से टकराया था। वह कलेक्ट्रेट सप्लाई देने के लिए बनाई गई थी, लेकिन कलेक्ट्रेट फीडर शुरू होने के बाद से इस लाइन का उपयोग बंद कर दिया गया। इस वजह से विद्युत तार में करंट नहीं दौड़ रहा था। हादसे के बाद इसे लेकर मौके पर लोगों में चर्चा होती रही।
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कासगंज प्लेन क्रैश
- फोटो : अमर उजाला
जमा हो गई भारी भीड़, पुलिस को करनी पड़ी मशक्कत
विमान हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। देखते ही देखते गांव बहेड़िया, क्यामपुर, जखारुद्रपुर, किलोनी, भिटौना, गौराहा, मांमों, अशोक नगर समेत अन्य गांव के लोग घटनास्थल पर जमा हो गए। हालात को संभालने और राहत कार्य में बाधा न आए, इसके लिए पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
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कासगंज प्लेन क्रैश
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पुलिस ने सुरक्षा की दृष्टि से क्षेत्र की घेराबंदी कर दी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए एनएएचआई अधिकारियों को बुलाकर बैरिकेट्स लगाए गए। ढोलना, सोरोंजी थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई। क्यूआरटी सहित अन्य पुलिस पुलिसकर्मियों को भीड़ को नियंत्रण करने में लगाया गया। काफी प्रयास के बाद हालात सामान्य हुए ।
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हाईवे पर ग्रामीणों की भीड़
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गांव बहेड़िया निवासी सत्यप्रकाश, बिट्टू और अशोक नगर निवासी डॉ. बंटी ने बताया कि विमान ने आसमान में पहले कई चक्कर लगाए। इसके बाद वह तारों से टकराने के बाद सिक्सलेन मार्ग से टकराकर क्षतिग्रस्त हो गया। एएसपी सुशील कुमार, सदर एसडीएम संजीव कुमार, सीओ आंचल चौहान, सीएफओ आरके तिवारी ने मौके पर पहुंचकर हालात को नियंत्रण में किया।
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घटनास्थल पर जमा भीड़
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डीसीजीए की टीम करेगी हादसे की जांच
प्रशिक्षु विमान हादसे की जानकारी मिलने पर दिल्ली से नागर विमानन महानिदेशालय (डीसीजीए) की टीम रवाना हो चुकी है। टीम देर रात तक कासगंज पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर सकती है। जांच के बाद ही हादसे की असल वजह सामने आ सकेगी।