{"_id":"5dfe1b8e8ebc3e87f34d7e56","slug":"amar-ujala-youth-conclave-over-agra-smart-city","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"अमर उजाला यूथ कॉन्क्लेव: 'जवाबदेही, जिम्मेदारी के साथ मिलकर आगरा को बनाएंगे स्मार्ट'","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अमर उजाला यूथ कॉन्क्लेव: 'जवाबदेही, जिम्मेदारी के साथ मिलकर आगरा को बनाएंगे स्मार्ट'
Sun, 22 Dec 2019 01:14 AM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sun, 22 Dec 2019 01:14 AM IST
विज्ञापन
अमर उजाला यूथ कॉन्क्लेव
- फोटो : अमर उजाला
जज्बे और हौसले के साथ अपने-अपने क्षेत्रों में मुकाम बना चुके युवाओं ने अमर उजाला के यूथ कॉन्क्लेव में आगरा को बेहतर बनाने के लिए मंथन किया। शनिवार को अमर उजाला परिसर में हुए कॉन्क्लेव में हर क्षेत्र से जुड़े युवाओं ने स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा, सुविधाओं और प्रशिक्षण के लिए अपनी मदद की पेशकश की। तय किया कि जवाबदेही और जिम्मेदारी तय करके एकसाथ सभी मिलकर स्मार्ट आगरा के लिए पहल करेंगे। चिकित्सा, शिक्षा, उद्योग, संस्कृति, समाज, महिला उत्थान और व्यापार से जुड़े इन युवाओं ने स्मार्ट आगरा के लिए अपना विजन भी पेश किया।
डॉ केशव मल्होत्रा और उद्यमी अमित जैन
- फोटो : अमर उजाला
बुनियादी सुविधाएं बढ़ाई जाएं
इंजीनियरिंग कंपोनेंट उद्यमी अमित जैन ने कहा कि औद्योगिक रूप से पिछड़ रहे आगरा में कारोबार करने की जगह युवा दूसरे शहरों को चुन रहे हैं। बुनियादी सुविधाएं, एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी, स्पेशल जोन के जरिए प्रतिभाशाली युवाओं को आगरा में रोका जा सकता है, जिसका फायदा रोजगार के रूप में सभी को मिलेगा।
पहले लोगों को स्मार्ट बनाएं
आईवीएफ विशेषज्ञ डॉ केशव मल्होत्रा ने कहा कि पर्यावरण में हो रहे बदलाव पर ध्यान देने की जरूरत है, जिससे स्वास्थ्य और चिकित्सा से जुड़ीं कई समस्याएं दूर हो सकती हैं। प्लास्टिक मुक्त पर्यावरण, दिनचर्या के जरिए स्वस्थ रहा जा सकता है। लोगों को जागरूक करके स्मार्ट बनाएं, तभी शहर में बदलाव नजर आएगा।
इंजीनियरिंग कंपोनेंट उद्यमी अमित जैन ने कहा कि औद्योगिक रूप से पिछड़ रहे आगरा में कारोबार करने की जगह युवा दूसरे शहरों को चुन रहे हैं। बुनियादी सुविधाएं, एयरपोर्ट से कनेक्टिविटी, स्पेशल जोन के जरिए प्रतिभाशाली युवाओं को आगरा में रोका जा सकता है, जिसका फायदा रोजगार के रूप में सभी को मिलेगा।
पहले लोगों को स्मार्ट बनाएं
आईवीएफ विशेषज्ञ डॉ केशव मल्होत्रा ने कहा कि पर्यावरण में हो रहे बदलाव पर ध्यान देने की जरूरत है, जिससे स्वास्थ्य और चिकित्सा से जुड़ीं कई समस्याएं दूर हो सकती हैं। प्लास्टिक मुक्त पर्यावरण, दिनचर्या के जरिए स्वस्थ रहा जा सकता है। लोगों को जागरूक करके स्मार्ट बनाएं, तभी शहर में बदलाव नजर आएगा।
डॉ भूपेंद्र चाहर और डॉ शशि भूषण उपाध्याय
- फोटो : अमर उजाला
'जूडा' गांवों में सेवा के लिए तैयार
जूडा अध्यक्ष डॉ भूपेंद्र चाहर ने कहा कि एसएन मेडिकल कॉलेज में इन्फ्रास्ट्रक्चर की जरूरत है। युवा चिकित्सक काम करना चाहते हैं, लेकिन मशीनें नहीं हैं। आगरा को एम्स चाहिए ताकि हर बीमारी के इलाज के लिए दिल्ली न भागना पड़े। जूनियर डाक्टर किसी भी गांव, कस्बे में कैंप के जरिए अपनी सेवाएं देने को तैयार हैं।
सुविधाओं से स्मार्ट बने शहर
कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ शशि भूषण उपाध्याय ने कहा कि शहर दिखने से स्मार्ट नहीं, बल्कि सुविधाओं से स्मार्ट होता है। मेडिकल कॉलेज में मल्टीस्पेशिएलिटी सेंटर, इन्फ्रास्ट्रक्चर की जरूरत है। सरकार का बजट स्वास्थ्य और शिक्षा पर ज्यादा खर्च हो। एक बीमारी पर होने वाला खर्च कई परिवारों की दो पीढ़ियों को प्रभावित कर रहा है।
जूडा अध्यक्ष डॉ भूपेंद्र चाहर ने कहा कि एसएन मेडिकल कॉलेज में इन्फ्रास्ट्रक्चर की जरूरत है। युवा चिकित्सक काम करना चाहते हैं, लेकिन मशीनें नहीं हैं। आगरा को एम्स चाहिए ताकि हर बीमारी के इलाज के लिए दिल्ली न भागना पड़े। जूनियर डाक्टर किसी भी गांव, कस्बे में कैंप के जरिए अपनी सेवाएं देने को तैयार हैं।
सुविधाओं से स्मार्ट बने शहर
कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ शशि भूषण उपाध्याय ने कहा कि शहर दिखने से स्मार्ट नहीं, बल्कि सुविधाओं से स्मार्ट होता है। मेडिकल कॉलेज में मल्टीस्पेशिएलिटी सेंटर, इन्फ्रास्ट्रक्चर की जरूरत है। सरकार का बजट स्वास्थ्य और शिक्षा पर ज्यादा खर्च हो। एक बीमारी पर होने वाला खर्च कई परिवारों की दो पीढ़ियों को प्रभावित कर रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
डॉ नीतू चौहान और रंगकर्मी राहुल अचलेश गुप्ता
- फोटो : अमर उजाला
युवा रक्तदान के लिए आगे आएं
मेडिकल कॉलेज की चिकित्सक डॉ नीतू चौहान ने कहा कि रक्तदान के प्रति युवा जागरूक हों और जब भी रक्तदान करें तो सरकारी अस्पताल, मेडिकल कॉलेज में करें। यहां उनका रक्त गरीबों की मदद के काम आता है। बिना एक्सचेंज के यह उपलब्ध है। हम सौ फीसदी रक्त बिना एक्सचेंज के देना चाहते हैं, जिनमें युवाओं का सहयोग चाहिए।
संस्कृति से युवाओं का जुड़ाव बढ़ा
रंगकर्मी एवं शिक्षक राहुल अचलेश गुप्ता ने कहा कि हमारी संस्कृति, कला, साहित्य के साथ युवाओं का जुड़ाव बढ़ रहा है, बस उन्हें प्रोत्साहन की जरूरत है। हम सामाजिक बुराइयों को दूर करने में नाटक के जरिए लोगों को जागरूक करने और बदलाव लाने का प्रयास कर रहे हैं। बदलाव आ भी रहा है।
मेडिकल कॉलेज की चिकित्सक डॉ नीतू चौहान ने कहा कि रक्तदान के प्रति युवा जागरूक हों और जब भी रक्तदान करें तो सरकारी अस्पताल, मेडिकल कॉलेज में करें। यहां उनका रक्त गरीबों की मदद के काम आता है। बिना एक्सचेंज के यह उपलब्ध है। हम सौ फीसदी रक्त बिना एक्सचेंज के देना चाहते हैं, जिनमें युवाओं का सहयोग चाहिए।
संस्कृति से युवाओं का जुड़ाव बढ़ा
रंगकर्मी एवं शिक्षक राहुल अचलेश गुप्ता ने कहा कि हमारी संस्कृति, कला, साहित्य के साथ युवाओं का जुड़ाव बढ़ रहा है, बस उन्हें प्रोत्साहन की जरूरत है। हम सामाजिक बुराइयों को दूर करने में नाटक के जरिए लोगों को जागरूक करने और बदलाव लाने का प्रयास कर रहे हैं। बदलाव आ भी रहा है।
विज्ञापन
फैशन डिजाइनर गरिमा सारस्वत पांडेय और अधिवक्ता अर्चना शर्मा
- फोटो : अमर उजाला
युवाओं के लिहाज से हो शहर स्मार्ट
फैशन डिजाइनर गरिमा सारस्वत पांडेय ने कहा कि आगरा के युवा यहां काम करने की जगह बाहर दूसरे शहरों में काम करना चाहते हैं। फैशन हो या अन्य क्षेत्र, यहां इन्फ्रास्ट्रक्चर, सुविधाएं ऐसी नहीं कि भविष्य सुरक्षित मान सकें। शहर को इसी लिहाज से स्मार्ट बनाया जाए ताकि युवा यहां रुकें और अपने लिए चुने रोजगार में आगे बढ़ें।
सामाजिक गतिविधियों से जोडे़ं
अधिवक्ता अर्चना शर्मा ने कहा कि सामाजिक गतिविधियों से युवाओं को जोड़ने की जरूरत है। उन्हें हर काम की जल्द सुनवाई चाहिए, जिसके लिए सिस्टम बनाने की जरूरत है। उनको समाज के सरोकारों के प्रति जिम्मेदार बनाने के लिए काम किया जाए।
फैशन डिजाइनर गरिमा सारस्वत पांडेय ने कहा कि आगरा के युवा यहां काम करने की जगह बाहर दूसरे शहरों में काम करना चाहते हैं। फैशन हो या अन्य क्षेत्र, यहां इन्फ्रास्ट्रक्चर, सुविधाएं ऐसी नहीं कि भविष्य सुरक्षित मान सकें। शहर को इसी लिहाज से स्मार्ट बनाया जाए ताकि युवा यहां रुकें और अपने लिए चुने रोजगार में आगे बढ़ें।
सामाजिक गतिविधियों से जोडे़ं
अधिवक्ता अर्चना शर्मा ने कहा कि सामाजिक गतिविधियों से युवाओं को जोड़ने की जरूरत है। उन्हें हर काम की जल्द सुनवाई चाहिए, जिसके लिए सिस्टम बनाने की जरूरत है। उनको समाज के सरोकारों के प्रति जिम्मेदार बनाने के लिए काम किया जाए।