फिरोजाबाद पुलिस लाइन की मेस के खाने को लेकर बीच सड़क पर फूट-फूटकर रोने वाले सिपाही की पीड़ा को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सवाल किया है कि पुलिसवाले की सुननेवाला कोई है क्या? समाजवादी पार्टी के मुखिया ने सिपाही मनोज कुमार का वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा है कि महोत्सव के नाम पर भूखोत्सव क्यों? मेस के खाने पर सवाल उठाने वाले सिपाही मनोज कुमार को पांच दिन का अवकाश दे दिया गया है, तो वहीं इस प्रकरण में विपक्षी दल ने योगी सरकार को घेरने का काम शुरू कर दिया है।
Firozabad: मेस के खाने पर फूट-फूटकर रोने वाले सिपाही पर अखिलेश का ट्वीट, पुलिसवाले की सुनने वाला कोई है क्या?
पुलिस कार्यालय के सम्मन सेल में तैनात सिपाही मनोज कुमार का मेस के खाने पर सवाल उठाते हुए बुधवार को सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुआ था। सिपाही इस दौरान रोटी दिखाते हुए कह रहा था कि आखिर ऐसे खाना कैसे खाऊं। एसएसपी आशीष तिवारी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच सीओ लाइन हीरालाल कनौजिया को सौंप दी है। इधर आरोप लगाने वाले सिपाही मनोज कुमार को पांच दिन का अवकाश दे दिया गया है।
अलीगढ़ जिले का रहने वाला है सिपाही
इस संबंध में प्रतिसार निरीक्षक देवेंद्र सिंह सिकरवार का कहना है कि सिपाही मनोज कुमार पांच दिन के अवकाश के लिए एसपी ग्रामीण के पास पत्र लेकर पहुंचा था। इसके कारण उसे पांच दिन का अवकाश स्वीकृत हो गया है। सिपाही अलीगढ़ जिले के थाना गोंडा स्थित अपने गांव गया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच सीओ लाइन हीरालाल कनौजिया के द्वारा की जा रही है।
कार्रवाई पर पुलिस भी घिरी
मनोज का कहना है कि 15 बिंदु जो पुलिस विभाग कार्रवाई की बात कर रहा है उसमें केवल अनुपस्थित होने का कारण बता रहे हैं, जबकि उसने जब भी छुट्टी ली, बता कर ली। इसके बाद भी अब जब उसने खाने की गुणवत्ता मीडिया के सामने ला दी, तो उल्टा उसे ही विभाग निशाना बनाने के लिए अनुशासन हीन बता रहा है, जबकि पहले कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
अखिलेश यादव ने किया ट्वीट
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी फिरोजाबाद की पुलिस लाइन के सम्मन सेल में तैनात सिपाही मनोज कुमार द्वारा मेस के खाने पर उसके वीडियो को ट्वीट कर लिखा है कि अमृत महोत्सव के शोर शराबे में भूख से रोते पुलिस वाले की बात सुनने वाला कोई है क्या..। महोत्सव के नाम पर भूखोत्सव क्यों के साथ वीडियो शेयर किया है।
अमृत महोत्सव के छद्म उत्सव के शोर शराबे में भूख से रोते यूपी के पुलिसवाले की बात सुननेवाला कोई है क्या?
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) August 11, 2022
महोत्सव के नाम पर भूखोत्सव क्यों? pic.twitter.com/rvol6APLoG