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खुशखबर: ताजमहल का शहर बनेगा वर्ल्ड हेरिटेज सिटी, नए प्रतिबंध नहीं होंगे लागू
Sat, 01 Feb 2020 04:08 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 01 Feb 2020 04:08 PM IST
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ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
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ताजनगरी को वर्ल्ड हेरिटेज सिटी (विश्व धरोहर शहर) बनाने के लिए सेप्ट (सेंटर फॉर एनवायर्नमेंटल प्लानिंग एंड टेक्नोलॉजी) विश्वविद्यालय अहमदाबाद ने अपनी रिपोर्ट उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव के सामने रखी। सेप्ट विश्वविद्यालय ने हेरिटेज सिटी के लिए सुझाए गए चारों विकल्पों का प्रस्तुतीकरण किया। इनमें रिवर फ्रंट गार्डन के 12 किमी हिस्से, दरेसी, स्मारकों के पास और सिकंदरा क्षेत्र का हिस्सा सुझाया गया है।
जयपुर के राजा सिंह द्वारा बनवाया गया आगरा का पुराना नक्शा
- फोटो : अमर उजाला
आगरा को विश्व धरोहर शहर के रूप में विकसित करने के लिए शुक्रवार को सेप्ट विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों ने मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी के सामने प्रजेंटेशन दिया। इसमें सेप्ट विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों ने बताया कि यमुना किनारे, आगरा फोर्ट के आसपास और सिकंदरा को हेरिटेज सिटी के रूप में विकसित किया जा सकता है।
ताजमहल पर पर्यटक
- फोटो : अमर उजाला
मुख्य सचिव को बताया गया कि हेरिटेज सिटी के कारण वहां किसी प्रकार का नया प्रतिबंध लागू नहीं किया जाएगा। हेरिटेज सिटी क्षेत्र में 500 मीटर क्षेत्र में आबादी है, जिसे आपसी बातचीत से वर्ल्ड हेरिटेज सिटी में सहयोग के लिए तैयार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वर्ल्ड हेरिटेज सिटी का दर्जा मिलने के बाद आगरा में पर्यटन और भी अधिक बढ़ेगा। साथ ही आसपास के क्षेत्रों में स्थित दर्शनीय स्थलों पर भी पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी।
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मुगलिया रिवर फ्रंट गार्डन का ऐसा था स्वरूप
- फोटो : अमर उजाला
मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी ने अगली बैठक में हेरिटेज सिटी विकसित करने के लिए अनुमानित लागत का आंकलन करने, इससे प्रभावित होने वाले लोगों से बातचीत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी पक्षों और लोगों से बातचीत की जाए, ताकि भविष्य में कोई परेशानी नहीं हो। बैठक में पर्यटन विभाग के प्रमुख सचिव जितेंद्र कुमार ने भी सुझाव रखे। संयुक्त निदेशक अविनाश मिश्रा और अनूप श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
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ताजमहल व आगरा के अन्य दर्शनीय स्थल
- फोटो : अमर उजाला
हेरिटेज सिटी बनने के ये होंगे फायदे
यूनेस्को द्वारा हेरिटेज सिटी घोषित करने के साथ ही धरोहरों के संरक्षण और उनके आसपास की सूरत बदलने पर दुनिया भर के सैलानी अधिक आकर्षित होंगे। शहर की कला, सभ्यता और संस्कृति हेरिटेज सिटी क्षेत्र में भवनों के साथ व्यवहार में भी नजर आएगी। इसके साथ ही शहर के लोगों में भी अपनी धरोहरों के प्रति संजीदगी आएगी। मसलन पुरानी इमारतों को तोड़कर नए रूप में बनाने पर रोक होगी। उस इमारत को उसी रूप में संरक्षित करना होगा, जिसमें वह अभी हैं।
यूनेस्को द्वारा हेरिटेज सिटी घोषित करने के साथ ही धरोहरों के संरक्षण और उनके आसपास की सूरत बदलने पर दुनिया भर के सैलानी अधिक आकर्षित होंगे। शहर की कला, सभ्यता और संस्कृति हेरिटेज सिटी क्षेत्र में भवनों के साथ व्यवहार में भी नजर आएगी। इसके साथ ही शहर के लोगों में भी अपनी धरोहरों के प्रति संजीदगी आएगी। मसलन पुरानी इमारतों को तोड़कर नए रूप में बनाने पर रोक होगी। उस इमारत को उसी रूप में संरक्षित करना होगा, जिसमें वह अभी हैं।