आगरा के वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. एससी अग्रवाल के बेटे डॉ. सुमित अग्रवाल की पत्नी डॉ. दीप्ति अग्रवाल की मौत हो गई है। वो फरीदाबाद के सर्वोदय अस्पताल में भर्ती थीं। कोमा में होने की वजह से उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। गुरुवार की सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया। इधर, उनकी खुदकुशी का राज अभी भी नहीं खुल पाया है। दीप्ति के पिता डॉ. नरेश मंगला का कहना है कि वो हत्या का केस दर्ज कराएंगे। अगली स्लाइड्स में पढ़िए क्या है पूरा मामला
डॉक्टर दीप्ति की मौत के मामले में नया मोड़, पिता ने कहा- हत्या का केस दर्ज कराएंगे
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ताजगंज के विभव वैली व्यू अपार्टमेंट निवासी डॉ. दीप्ति अग्रवाल तीन अगस्त को अपने फ्लैट में फांसी के फंदे पर लटकी मिली थीं। पति डॉ. सुमित अग्रवाल ने कमरे का गेट तोड़कर उन्हें उतारा था। इसके बाद दीप्ति को प्रतापपुरा स्थित अपने ही सफायर अस्पताल में लेकर गए थे। रात तीन बजे डॉ. दीप्ति को फरीदाबाद स्थित सर्वोदय अस्पताल में ले गए थे।
थाना ताजगंज के प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र कुमार ने बताया कि गुरुवार की सुबह उनकी मौत की जानकारी आई। इस पर वहां की पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया है। मृतका के मायका पक्ष की ओर से अगर कोई तहरीर मिलती है तो मुकदमा दर्ज करके कार्रवाई की जाएगी। आत्महत्या का कारण का अब तक पता नहीं चल सका है।
डॉ. दीप्ति की शादी वर्ष 2014 में डॉ. सुमित अग्रवाल से हुई थी। पुलिस की जांच में परिवार में किसी तरह का विवाद सामने नहीं आया है। अब सवाल उठ रहा है कि आखिर डॉ. दीप्ति ने आत्महत्या क्यों की? सवाल और भी हैं लेकिन पुलिस को जवाब नहीं मिल रहे हैं।
सुसाइड नोट में जिस क्रिशिव का जिक्र किया है, पुलिस को उसके बारे में परिवार के लोगों ने बताया कि डॉ. दीप्ति ने दो साल पहले एक बेटे को जन्म दिया था। उन्होंने बेटे का नाम क्रिशिव रखा था। जन्म के कुछ देर बाद ही बेटे की मौत हो गई थी। सुसाइड नोट में लिखा है कि मुझे क्रिशिव के साथ ही चले जाना चाहिए था। अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या वो बच्चे की मौत के समय ही आत्महत्या करना चाहती थीं।