आंखों में आंसू, लड़खड़ाती जुबान, दर्द ऐसा कि बयां करना मुश्किल। बेटे राजन, पौत्री सिमरन उर्फ शालू और पौत्र ऋषि की मौत से बुजुर्ग गोपीचंद का कलेजा ही फट गया। वह रो रहे थे। एक ही बात बोल रहे थे, मेरे परिवार को मार डाला। साजिश करके आग लगाई गई। बेटे से जलन में यह किया। उन्हें पुलिस ने समझाया। कहा कि सीसीटीवी फुटेज देखे जाएंगे। किसी ने आग लगाई होगी तो कार्रवाई होगी। पुलिस ने फोरेंसिक एक्सपर्ट की टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए हैं। इसकी रिपोर्ट अभी मिलना बाकी है। अग्निशमन विभाग प्रथम दृष्टया मामला शॉर्ट सर्किट से आग लगना मान रहा है, लेकिन जांच के बाद ही सही कारण बताने की बात कही है।
गोपीचंद ने बताया कि वह अपने कमरे में लवी के साथ सो रहे थे। दुकान का शटर खुलने की आवाज से आंख खुली, उन्हें लगा कि राजन टहलने के लिए गए होंगे। इस पर उठे नहीं। दोबारा शटर की आवाज आई। इस पर वो बाहर निकलकर आए। तब आग की लपटें उठ रही थीं। धुआं अंदर आने लगा था।
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घटना के बारे में जानकारी लेती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बताया कि दुकान में अंडर ग्राउंड फिटिंग कर रखी है। बल्ब नहीं लगा था। ऐसे में शॉर्ट सर्किट नहीं हो सकता है। अस्पताल का गेट खुला रहता है। इस कारण कोई भी अंदर आ सकता है। सुबह का समय था, इसलिए अस्पताल के कर्मचारियों ने भी ध्यान नहीं दिया होगा। आग किसी ने साजिश करके लगाई है।
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आग में जली अस्पताल संचालक की बाइक
- फोटो : अमर उजाला
गोपीचंद ने कहा कि बेटे की तरक्की से कुछ लोग जलने लगे थे। कई बार टोने-टोटके भी कर चुके थे। मगर, उन्होंने ध्यान नहीं दिया। इस पर आग लगा दी गई। उन्होंने अपनी पीड़ा पुलिस के सामने रखी। उनका दर्द किसी को देखा नहीं जा रहा था।
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शव ले जाने के दौरान उमड़ी लोगों की भीड़
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पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर उन्हें शांत कर दिया। गोपीचंद को रिश्तेदार संभाल रहे थे। मगर, वो एक ही बात कह रहे थे कि उन्होंने किसी का क्या बिगाड़ा था, बेटे, नाती और नातिन की जान ले ली गई।
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विलाप करते परिवार के लोग
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शिकायत पर कराएंगे जांच
एसएसपी प्रभाकर चौधरी का कहना है कि अगर, परिजन किसी तरह की साजिश करके आग लगाने का आरोप लगाते हैं तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। घटनास्थल के आसपास कई सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, उनको देखा जाएगा।