आगरा से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद सत्यपाल सिंह बघेल यानि प्रोफेसर एसपी सिंह बघेल को केंद्रीय मंत्रिमंडल में कानून राज्यमंत्री की जिम्मेदारी है। उन्होंने मुलायम सिंह यादव से नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल तक का सफर पूरा किया है। केंद्रीय मंत्री बनने में उनका अनुभव काम आया। वह पांच बार सांसद और यूपी कैबिनेट में मंत्री रह चुके हैं। एसपी सिंह बघेल के राजनीतिक सफर की कहानी रोचक और दिलचस्प है।
एसपी सिंह बघेल: मुलायम सिंह से नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल तक, दिलचस्प है इनका राजनीतिक सफर
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एसपी सिंह बघेल ने अपने पहले ही चुनाव में जीत दर्ज की। उसके बाद दो बार सांसद चुने गए। 2010 में बसपा ने उन्हें राज्यसभा में भेजा। साथ ही राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी भी दी। 2014 में फिरोजाबाद लोकसभा से सपा के राष्ट्रीय महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव के पुत्र अक्षय यादव के सामने चुनाव लड़े, लेकिन चुनाव हार गए थे।
2014 में मिली हार के बाद एसपी सिंह बघेल ने राज्यसभा से इस्तीफा देकर भाजपा की सदस्यता ली। भाजपा पिछड़ा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बना गए। विधानसभा चुनाव 2017 में टूंडला सुरक्षित सीट से भाजपा विधायक बने। इसके बाद उन्हें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की टीम में शामिल किया गया। पशुधन, लघु सिंचाई एवं मत्स्य विभाग संभाला।
- प्रो. बघेल का 5 बार सांसद, प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री का अनुभव।
- पिछड़ा वर्ग में उनका प्रभाव, खासकर बघेल समाज की हर सीट पर संख्या।
- 7 महीने बाद उत्तर प्रदेश के विधान सभा चुनाव से पहले प्रतिनिधित्व।
- प्रदेश में पिछड़ा वर्ग के बड़े नेता, सपा के गढ़ वाले क्षेत्रों में प्रभावी भूमिका।