लोकसभा चुनाव में टिकट कटने के बाद रामशंकर कठेरिया और चौधरी बाबूलाल नाराज चल रहे हैं। लोगों की नजर इस बात पर थी कि कठेरिया आगरा कॉलेज में आयोजित सभा में आएंगे या नहीं। राष्ट्रीय अध्यक्ष का कार्यक्रम था सो कठेरिया आए भी। उन्हें मंच से सम्मान भी मिला, लेकिन फतेहपुर सीकरी के सांसद चौधरी बाबूलाल के लिए मंच पर कुर्सी तक नहीं रखी गई थी। जबकि सीकरी से प्रत्याशी राजकुमार चाहर को मंच पर स्थान दिया गया था।
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अमित शाह और योगी आदित्यनाथ के साथ मंच पर रामशंकर कठेरिया व अन्य
- फोटो : अमर उजाला
टिकट से हाथ धोने वाले रामशंकर कठेरिया मंच पर आए तो लेकिन उनके चेहरे का नूर गायब था। उनकी सीट विधायक जगन प्रसाद गर्ग के बराबर थी। पूरे कार्यक्रम के दौरान कठेरिया अपनी सीट पर चुपचाप बैठे रहे। जब राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का भाषण हुआ तो उन्होंने भाषण में आगरा का लोकप्रिय सांसद कहकर कठेरिया का नाम लिया।
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चुनावी सभा को संबोधित करते अमित शाह
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इसके बाद उन्होंने कहा कि आगरा में करीब तीन हजार करोड़ रुपये के गंगाजल प्रोजेक्ट को लाने में रामशंकर कठेरिया, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पीएम मोदी का योगदान है। जब सभा का समापन हो रहा था तब अमित शाह ने रामशंकर कठेरिया को अपने बराबर में बुलाया।
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कुर्सी पर बैठे रामशंकर कठेरिया, पास से गुजरते एसपी सिंह बघेल
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चौधरी बाबूलाल की कुर्सी न होने के प्रश्न पर महानगर संगठन ने कोई जवाब नहीं दिया। जबकि वहां सभी नौ विधायकों, पूर्व मंत्रियों और अन्य पदाधिकारियों के लिए बैठने की व्यवस्था की गई थी। फतेहपुर सीकरी के प्रत्याशी राजकुमार चाहर ने कहा कि इस विषय में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
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अमित शाह और योगी आदित्यनाथ के साथ मंच पर रामशंकर कठेरिया व अन्य
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मेयर नवीन जैन को कठेरिया का करीबी माना जाता है। वह खुद भी फतेहपुर सीकरी से टिकट के दावेदार थे। उन्हें टिकट नहीं मिला। उन्होंने कहा कि पार्टी ने एसपी सिंह बघेल को टिकट दिया है, वह इस निर्णय का सम्मान करते हैं।