आगरा के श्मशान घाटों पर शवों के पहुंचने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। हर रोज नई सुबह के साथ ही जलती लाशों का मंजर देखकर लोगों की रूह कांप जाती है। श्मशान में हर तरफ मातम, रुदन, सिसकियां और बस सिसकियां सुनाई देती हैं। गुरुवार को रात 12 बजे तक ताजगंज श्मशान घाट पर चिताएं जलती रहीं।
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आगरा: ताजगंज श्मशान पर नहीं बुझ रही चिताओं की आग, एक दिन में 40 शवों का अंतिम संस्कार
Fri, 23 Apr 2021 03:48 PM IST
मुकेश कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: मुकेश कुमार
Updated Fri, 23 Apr 2021 03:48 PM IST
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ताजगंज श्मशान घाट पर जलतीं चिताएं
- फोटो : अमर उजाला
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ताजगंज श्मशान घाट पर रखा शव और अंतिम संस्कार में आए लोग
- फोटो : अमर उजाला
सुबह से शवों का पहुंचना शुरू हो गया। दोपहर के बाद अचानक शवों की आने की संख्या बढ़ गई। इसलिए वेटिंग भी चार घंटे हो गई। रात में 12 बजे तक शवों का दाह संस्कार होता रहा। शहर के दूसरों श्मशान घाटों पर भी यही हाल रहा।
ताजगंज श्मशान घाट पर जलतीं चिताएं
- फोटो : अमर उजाला
ताजगंज श्मशान घाट विद्युत शवदाह गृह के प्रभारी संजीव कुमार गुप्ता ने बताया कि रात दस बजे तक 40 शव आए थे। दोपहर में अंतिम संस्कार के लिए चार घंटे तक का इंतजार करना पड़ा। इसके बाद वेटिंग देर रात होते-होते एक घंटे की रह गई। क्षेत्र बजाजा कमेटी के अध्यक्ष अशोक गोयल और महामंत्री राजीव अग्रवाल का कहना है कि सेवादारों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। चार सेवादार बढ़ा दिए गए हैं।
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ताजगंज श्मशान घाट पर एंबुलेंस से शव लेकर आए लोग
- फोटो : अमर उजाला
बल्केश्वर घाट पर पहुंच रहे ज्यादा शव
ताजगंज श्मशान घाट पर चिताओं को स्थान नहीं मिलने से शहर के दूसरे बल्केश्वर श्मशान घाट पर शवों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। यहां पर जहां एक अप्रैल तक तीन से चार शव आ रहे थे, वहीं 13 अप्रैल के बाद हर रोज लगभग 25 शव पहुंच रहे हैं। इस समय श्मशान में चिता को सजाने वाले पांच स्थानों के बीच की खाली जगह पर भी शवों का अंतिम संस्कार करना पड़ रहा है।
ताजगंज श्मशान घाट पर चिताओं को स्थान नहीं मिलने से शहर के दूसरे बल्केश्वर श्मशान घाट पर शवों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। यहां पर जहां एक अप्रैल तक तीन से चार शव आ रहे थे, वहीं 13 अप्रैल के बाद हर रोज लगभग 25 शव पहुंच रहे हैं। इस समय श्मशान में चिता को सजाने वाले पांच स्थानों के बीच की खाली जगह पर भी शवों का अंतिम संस्कार करना पड़ रहा है।
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ताजगंज विद्युत शवदाह गृह के बाहर खड़ीं एंबुलेंस
- फोटो : अमर उजाला
नगर आयुक्त ने जायजा लिया
नगर आयुक्त निखिल टी फुंडे ने शुक्रवार को टीम के साथ बल्केश्वर और फाउंड्री नगर नरायच स्थित श्मशान घाटों पर कोविड-19 के तहत दाह संस्कार की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। नगर आयुक्त ने बताया कि दोनों ही जगहों पर पर्याप्त मात्रा में लकड़ी, मास्क, पीपीई किट उपलब्ध हैं। शाहगंज स्थित मलका चबूतरा श्मशान घाट को भी 24 अप्रैल तक संचालित कर दिया जाएगा।
नगर आयुक्त निखिल टी फुंडे ने शुक्रवार को टीम के साथ बल्केश्वर और फाउंड्री नगर नरायच स्थित श्मशान घाटों पर कोविड-19 के तहत दाह संस्कार की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। नगर आयुक्त ने बताया कि दोनों ही जगहों पर पर्याप्त मात्रा में लकड़ी, मास्क, पीपीई किट उपलब्ध हैं। शाहगंज स्थित मलका चबूतरा श्मशान घाट को भी 24 अप्रैल तक संचालित कर दिया जाएगा।