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आगरा के अस्पतालों का हाल: एक ने भगाया, दूसरे ने भर्ती नहीं किया, तीसरे ने मांगी कोरोना रिपोर्ट

Fri, 23 Apr 2021 10:35 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Fri, 23 Apr 2021 10:35 AM IST
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Patients suffering due to lack of beds and oxygen at hospitals of agra
आगरा के एक अस्पताल के गेट पर चस्पा नोटिस - फोटो : अमर उजाला

आगरा में कोरोना संक्रमण के मरीज बढ़ने से हालात भयावह हैं। सरकारी और निजी अस्पतालों का हाल ऐसा है कि मरीजों को न बेड मिल रहा और न ही ऑक्सीजन। अमर उजाला की टीम ने गुरुवार को अस्पतालों में जाकर पड़ताल की तो चौंकाने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। 



दोपहर 12.40 बजे नामनेर चौराहे पर ऑटो में बैठी 31 वर्षीय रश्मि प्रसव पीड़ा से तड़प रही थी। उसके एक हाथ में ड्रिप चढ़ाने के लिए इंट्राकैथ लगा थी। उसके अगल-बगल बैठीं मां और सास हिम्मत बंधा रहीं थी। पति धीरज ने अस्पताल स्टाफ पर भड़कते हुए रहा कि मेरी पत्नी को अगर कुछ हो गया तो तुम्हें छोडूंगा नहीं...। यही सूरत ए हाल है अमूमन हर अस्पताल का।

Patients suffering due to lack of beds and oxygen at hospitals of agra
ऑटो में बैठी गर्भवती महिला और उसके परिजन - फोटो : अमर उजाला
विजय नगर निवासी 35 वर्षीय धीरज पत्नी को प्रसव के लिए गुरुवार दोपहर दर-दर भटकता रहा। उसने अमर उजाला को अपनी आपबीती सुनाई। बोला, पहले पत्नी का इलाज गांधी नगर में एक अस्पताल में चल रहा था। वहां रात को ऑक्सीजन खत्म हो गई। चिकित्सक ने कहा, दूसरी जगह ले जाओ। सुबह 11 बजे उसे अस्पताल से निकाल दिया। वहां से आने से पहले ही नामनेर स्थित अस्पताल पर फोन कर भर्ती के बारे में पूछा लिया था। स्टाफ ने कहा कि फाइल लेकर आ जाओ। भर्ती कर लेंगे। मैं फाइल लेकर आया। फाइल देखने के बाद स्टाफ ने कहा यहां ऑक्सीजन और आईसीयू नहीं है। मरीज को भर्ती नहीं कर सकते।
Patients suffering due to lack of beds and oxygen at hospitals of agra
ऑटो में बैठी गर्भवती महिला और उसके परिजन - फोटो : अमर उजाला

धीरज ने बताया कि मैं नामनेर से गर्भवती पत्नी को लेकर ऑटो में विभव नगर स्थित तीसरे हॉस्पिटल पहुंचा। यहां भी भर्ती नहीं किया। चिकित्सक ने कहा, पहले कोविड रिपोर्ट लेकर आओ तब भर्ती करेंगे। फिर मैंने पत्नी की कोविड जांच कराई। रिपोर्ट नेगेटिव आई। यहां से लेडी लॉयल लेकर पहुंचा। यहां भर्ती किया तो एक घंटे बाद ही चिकित्सक कहने लगे कि यहां ज्यादा देर रखोगे तो मरीज कोरोना पॉजिटिव हो जाएगी। धीरज ने बताया शाम 6 बजे लेडी लॉयल से भी पत्नी को निकाल दिया। मैं हताश और निराश होकर पत्नी को अब घर ले आया हूं। कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही।

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Patients suffering due to lack of beds and oxygen at hospitals of agra
एंबुलेंस में बैठीं फिरोजाबाद की मंजू देवी - फोटो : अमर उजाला
मजबूरी: तीन घंटे एंबुलेंस में तड़पती रही मंजू 
फिरोजाबाद निवासी राजेंद्र कोरोना संक्रमित पत्नी को उपचार के लिए प्रभा हॉस्पिटल लेकर पहुंचा। यहां बेड खाली नहीं मिला। तीन घंटे तक मंजू एंबुलेंस में बुखार से तड़पती रही। इस मामले में हॉस्पिटल संचालक डॉ. बीके सिंह ने कहा कि उस समय बेड खाली नहीं था। मरीज को शिफ्ट करने में कुछ समय तो लगता है।
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Patients suffering due to lack of beds and oxygen at hospitals of agra
कोविड मरीज को अस्पताल में ले जाती तीमारदार - फोटो : अमर उजाला
लापरवाही: अस्पताल के बाहर घूमता रहा संक्रमित 
मुगल रोड कमला नगर स्थित रश्मि मेडिकेयर में भर्ती संक्रमित दोपहर एक बजे अस्पताल से बाहर निकल आया। 40 मिनट तक सड़क पर घूमता रहा। स्टाफ में हड़कंप मच गया। पुलिस व अस्पताल स्टाफ के सहयोग से उसे दोबारा पकड़ कर वार्ड में भर्ती किया गया।
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