{"_id":"61a87f2a973e752854241a92","slug":"shani-amavasya-2021-know-date-tithi-and-importance-of-amavasya-always-do-these-work-for-shani-amavasya","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"Shani Amavasya 2021: भगवान शनिदेव और पितरों की एक साथ कृपा पाने के लिए शनि अमावस्या पर क्या करें क्या न करें","category":{"title":"Festivals","title_hn":"त्योहार","slug":"festivals"}}
Shani Amavasya 2021: भगवान शनिदेव और पितरों की एक साथ कृपा पाने के लिए शनि अमावस्या पर क्या करें क्या न करें
Sat, 04 Dec 2021 12:34 AM IST
विनोद शुक्ला
अनीता जैन ,वास्तुविद
अनीता जैन ,वास्तुविद
Published by: विनोद शुक्ला
Updated Sat, 04 Dec 2021 12:34 AM IST
विज्ञापन
शनि अमावस्या 2021
- फोटो : अमर उजाला
Shani Amavasya 2021 Do's and Don'ts For Shani Amavasya: प्रायः शनिवारी अमावस्या साल में दो या तीन बार पड़ जाती है,किन्तु इसका कोई तय आधार नहीं है। इस बार 4 दिसंबर, शनिवार के दिन अमावस्या तिथि होने से यह दिन अत्यंत शुभ तो है ही, लेकिन इससे भी अच्छी सुखद बात यह है कि इस दिन शनिदेव का नक्षत्र अनुराधा भी विद्यमान रहेगा जो सुबह 10 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। शास्त्रों के अनुसार अमावस्या हवन-पूजा, श्राद्ध, तर्पण एवं पितरों की आत्मा की शांति के लिये सर्वश्रेष्ठ दिन माना गया है। पौराणिक मान्यता के अनुसार शनिदेव का जन्म अमावस्या तिथि को शनिवार के दिन हुआ था। इसलिए शनि अमावस्या का ये संयोग शनिदेव को प्रसन्न करने एवं शनिदोषों से मुक्ति पाने का एक विशेष अवसर है। इस दिन कुछ ज्योतिषीय एवं धार्मिक उपाय करने से शनि व पितृ दोषों की शांति होती है।
शनि अमावस्या और सूर्य ग्रहण एक साथ
- फोटो : अमर उजाला
शनिदेव को प्रसन्न करने के उपाय
- ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार शनि अमावस्या पर पीपल की जड़ में कच्चा दूध मिश्रित मीठा जल चढ़ाने व तिल या सरसों के तेल का दीपक जलाने से अनेक प्रकार के कष्टों का निवारण होता है। शनि की साढ़ेसाती या ढईया के चलते पीपल के पेड़ की पूजा करना और उसकी परिक्रमा करने से शनि की पीड़ा से मुक्ति मिलती है।वहीं सुख-शांति में वृद्धि के लिए इस दिन पीपल का वृक्ष रोपना बहुत अच्छा माना गया है।
- शनिदेव के दिव्य मंत्र ‘ऊं प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्चराय नम:’ का इस दिन जप करने से प्राणी भयमुक्त रहता है।
- शनिदेव के आराध्य भगवान शिव हैं। शनि दोष की शांति के इस दिन शनिदेव की पूजा के साथ-साथ शिवजी पर काले तिल मिले हुए जल से 'ॐ नमः शिवाय' का उच्चारण करते हुए अभिषेक करना चाहिए।
- शनिदेव की प्रसन्नता के लिए जातक को शनिवार के दिन व्रत रखना चाहिए एवं गरीब लोगों की मदद करनी चाहिए,ऐसा करने से जीवन में आए संकट दूर होने लगते हैं।
- शनिदेव, हनुमानजी की पूजा करने वालों से सदैव प्रसन्न रहते हैं,इसलिए इनकी कृपा पाने के लिए शनि पूजा के साथ-साथ हनुमान जी की भी पूजा करनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
सूर्य ग्रहण और शनि अमावस्या
- फोटो : सोशल मीडिया
भूलकर भी ऐसा न करें
- सरसों का तेल, लकड़ी, जूते-चप्पल और काली उड़द की दाल को आप भूल से भी इस दिन खरीदकर नहीं लाएं,वरना आपको शनिदेव की कुदृष्टि का सामना करना पड़ सकता है।
- इस दिन शनिदेव मंदिर में शनि के दर्शन करने जाएं तो इस बात का ध्यान रखें कि भूल से भी उनकी आंखों को न देखें। शास्त्रों के अनुसार इनकी आखों में देख कर दर्शन करने से अनिष्ट होने का भय रहता है।
- शनि अमावस्या के दिन ध्यान रखें कि घर में लोहे से बनी कोई वस्तु ना लेकर आए। आज के दिन लोहे की चीजें खरीदने से भगवान शनि रुष्ट हो जाते हैं और ऐसा करने से आपकी शारीरिक और आर्थिक परेशानियां बढ़ सकती हैं।
- अपनों से बड़े या आपके माता-पिता एवं बुजुर्ग लोगों का अपमान नहीं करें वरना आपको जीवन में अनेक प्रकार के कष्ट उठाने पड़ सकते हैं।