शिमला में पानी के लिए लोगों में गुस्सा बढ़ता जा रहा है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के विधानसभा क्षेत्र में पानी की बूंद बूंद को तरस रहे लोग सड़कों पर उतर आए हैं। टूटू क्षेत्र के शिवनगर, विजयनगर, लोअर टुटू, मझयार, लक्ष्मीनारायण मंदिर, गोविंद मुहला, यादगार, ढैंड़ा, टुटू चौक, जतोग क्षेत्र के लगभग 20000 लोग करीब चार महीनों से पानी की समस्या को लेकर भारी परेशानियों से जूझ रहे हैं।
पानी के लिए सड़कों पर लोग, बर्तन लेकर अफसरों के दफ्तर भी पहुंचे
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गुस्साए लोगों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। इसमें करीब 300 स्थानीय लोगों शामिल हुए। इसमें अधिकतर महिलाएं थीं। उन्होंने टुटू चौक पर आईपीएच विभाग, नगर निगम और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
उसके बाद करीब 12 बजे प्रदर्शनकारियों ने यादगार में स्थित आईपीएच विभाग की ओर रुख कर आईपीएच के अधिकारियों का घेराव किया।
यहां बर्तन लेकर पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने आईपीएच एक्सईएन को बुलाने को कहा तभी एसडीओ भी आ गए और लोगों से पानी को लेकर चर्चा की लेकिन जनता मानने को तैयार नही थी। उन्होंने कहा वह इस मामले में सिर्फ एक्सईएन से ही बात करेंगे। इस बीच करीब एक घटे तक स्थानीय लोग आईपीएच विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते रहे। इस दौरान कार्यालय में अफसरों से नोकंझोंक भी हो गई।
1:30 बजे के करीब आईपीएच एक्सईएन कार्यालय पहुंचे और स्थानीय जनता से बातचीत कर आश्वासन दिया कि वह आज से ही खुद फील्ड ड्यूटी में तैनात रहेंगे। स्थानीय लोगों ने आईपीएच विभाग पर ये आरोप लगाया कि टुटू में लगभग 230 के करीब पब्लिक टैब लगे है जबकि उनमें से करीब 130 टैब निजी मकानों के बाहर लगे हुए है और उन्हीं पब्लिक टैबों से निजी मकान वालों को भी अवैध कनेक्शन दिए हए हैं।