शिमला के कोटखाई में गैंगरेप के बाद हत्या के मामले में गुड़िया को इंसाफ दिलाने के लिए हिमाचल में जनता का सैलाब सड़कों पर उतर आया है। पिछले कई दिन से जारी आंदोलन मंगलवार को भी जारी रहा। शिमला नागरिक सभा के बैनर तले हजारों लोगों ने डीसी दफ्तर से लेकर राजभवन तक पैदल मार्च किया।
इसमें हजारों की तादाद में महिलाएं पुरूष व सैकड़ों बच्चों शामिल रहे। दोपहर बारह बजे रैली डीसी दफ्तर से स्कैंडल, मॉल रोड़ होते हुए राजभवन पहुंची। शिमला नागरिक सभा के अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा की मौजूदगी में राज्यपाल आचार्य देवव्रत को ज्ञापन सौंपा।
गुम्मा, ठियोग और कोटखाई इलाके में आंदोलन तेज होता जा रहा है। महासू में दरिदों द्वारा गुडिया की निर्मम हत्या के दोषियों को सजा की मांग के लिए गुम्मा में हजारों लोगों ने सडक पर उतर कर प्रदर्शन किया। लोगों ने करीब पांच घंटे तक ठियोग हाटकोटी सडक को जाम रखा। परिजनों ने कहा दोषियों को फांसी के फंदे पर देख कर ही बेटी की आत्मा को शांति मिलेगी।
उधर दूसरी ओर मल्याणा, चम्याणा, भट्टाकुफर के लोग ढली टनल से संजौली, नवबहार से छोटा शिमला पहुंचे। यहां पर लोगों ने सरकार व पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया की। लोगों में गुस्सा इस कदर हावी था कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह द्वारा केंद्र को सीबीआई जांच के लिए लिखे पत्र का अभी तक जवाब न आना शर्मसार बताया है।
गुम्मा में विरोध प्रर्दशन के दौरान गुडिया के परिवार से पिता, माता , बहनें व अन्य परिजन भी उपस्थित रहे। नम आखों से उनकी एक ही मांग रही जब तक गुडिया के हत्यारों को फांसी नहीं मिलती उस समय तक न तो बेटी की आत्मा को शांतर मिलेगी न ही उनको चैन रहेगी। उन्होंने कहा दोषियों को फांसी की सजा मिलने पर ही इंसाफ नजर आएगा। लोगों का कहना है कि इस मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस जानबूझकर आरोपियों को बचा रही है।