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हिमाचल: राज्य सूचना आयोग में खाली पड़े पदों पर हाईकोर्ट सख्त, सीएस को बनाया नया पक्षकार, दिए ये आदेश

Wed, 09 Sep 2026 07:29 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Wed, 09 Sep 2026 07:29 PM IST
सार

राज्य सूचना आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त और सदस्यों के पद खाली होने के चलते आम जनता को हो रही परेशानी पर उच्च न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया है। न्यायाधीश संदीप शर्मा की अदालत ने मामले पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि वह मुख्य सचिव के माध्यम से अदालत को सूचित करे कि इन पदों को किस निश्चित समय-सीमा के भीतर भरा जाएगा। 

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Himachal High Court takes a strict stance on vacant posts in the State Information Commission
हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश राज्य सूचना आयोग में मुख्य सूचना आयुक्त और सदस्यों के पद खाली होने के चलते आम जनता को हो रही परेशानी पर उच्च न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया है। न्यायाधीश संदीप शर्मा की अदालत ने मामले पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिए हैं कि वह मुख्य सचिव के माध्यम से अदालत को सूचित करे कि इन पदों को किस निश्चित समय-सीमा के भीतर भरा जाएगा। अदालत ने याचिकाकर्ता की मांग को स्वीकार करते हुए सरकार को मुख्य सचिव के माध्यम से मामले में प्रतिवादी के रूप में शामिल करने का आदेश जारी किया है। पीठ ने टिप्पणी की कि आयोग में सूचना आयुक्त और सदस्यों की अनुपस्थिति के कारण आम नागरिक, लोक सूचना अधिकारियों (पीआईओ) के फैसलों के खिलाफ द्वितीय अपील दायर नहीं कर पा रहे हैं।

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इससे उनका कानूनन मिला अधिकार प्रभावित हो रहा है। अदालत ने उप महा अधिवक्ता को निर्देश दिए कि वे मुख्य सचिव को स्पष्ट रूप से अवगत कराएं कि सूचना के अधिकार एक्ट के तहत राज्य सूचना आयोग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। मामले की अगली सुनवाई 14 सितंबर को होगी। याचिकाकर्ता कुलदीप मेहरोल की ओर से पेश हुए अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि राज्य सूचना आयोग के पूरी तरह निष्क्रिय होने से आम नागरिकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विभिन्न सरकारी विभागों के जन सूचना अधिकारियों की ओर से जारी आदेशों को चुनौती देने के लिए प्रदेश में कोई भी अपीलीय प्राधिकरण उपलब्ध नहीं है। ऐसे में सूचना का अधिकार अधिनियम का मूल मकसद ही खत्म हो रहा है।

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मुख्य सूचना आयुक्त और आयुक्त की नियुक्ति न होने पर भी कड़ा रुख 
 प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य में सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत मुख्य सूचना आयुक्त और अन्य सदस्यों के खाली पड़े पदों पर नियुक्तियां नहीं होने के मामले में कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने जनहित याचिका पर संज्ञान लेते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से निर्धारित समयावधि बीत जाने के बावजूद राज्य सरकार ने अभी तक इस कार्य को पूरा नहीं किया है। अदालत ने सख्त लहजे में आदेश दिया है कि अगली सुनवाई की तारीख से पहले हर हाल में इस आवश्यक प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाए। मामले की अगली सुनवाई 22 सितंबर को होगी।

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