श्राद्ध पक्ष 2019: धार्मिक मान्यता है कि श्राद्ध पितरों के प्रति मन में सम्मान और श्रद्धा का भाव लेकर करने चाहिए। इस बार श्राद्ध पक्ष 14 सितंबर से शुरू होगा। 13 सितंबर को पूर्णिमा का श्राद्ध होगा।
16 दिन तक चलने वाले श्राद्ध पक्ष के दौरान लोग पितरों को श्रद्धा अर्पित करेंगे। इसके अतिरिक्त 25 सितंबर को एकसाथ दो श्राद्ध होंगे। तारादेवी मंदिर के मुख्य पुजारी कमलेश शर्मा ने बताया कि साल में श्राद्ध पक्ष के 16 दिन पितरों के प्रति श्रद्धा अर्पित करने का समय है।
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बताया कि 28 सितंबर को श्राद्धों का समापन होगा। राधा कृष्ण गंज मंदिर के पुजारी उमेश नोटियाल ने कहा कि द्वितीय श्राद्ध 15 सितंबर की दोपहर 12:24 बजे से लेकर 16 सितंबर की दोपहर 2:36 बजे तक रहेगा।
बताया कि द्वितीय तिथि बढ़ी हुई है। 25 सितंबर को एकादशी और द्वादशी के श्राद्ध एक साथ होंगे। 28 सितंबर को सर्व पितृ श्राद्ध किए जाएंगे। इसके बाद 29 सितंबर से नवरात्र शुरू होंगे जोकि 8 अक्तूबर तक होंगे।
श्राद्ध कार्य के तर्पण अपराह्न के बाद किए जाते हैं। वहीं जिन सनातन को पितृ दोष, कुंडली दोष, व्यवसाय में बढ़ोतरी नहीं हो रही है, बच्चों का पढ़ाई में मन नहीं है वह विधि पूर्वक पितरों का श्राद्ध करें।