हिमाचल में कुदरत का कहर जारी है। भारी बारिश और बर्फबारी के कारण प्रदेश में तीन और लोगों की मौत हो गई। बुधवार को भारी बारिश और बर्फबारी के कारण चंबा और लाहौल में फंसे 787 लोगों को सुरक्षित निकाला गया।
भारी बर्फबारी के कारण लाहौल घाटी के विभिन्न हिस्सों में फंसे करीब 387 लोगों को बुधवार को सुरक्षित निकाल लिया, लेकिन बारालाचा के समीप केलिंग सराय में एक गर्भवती महिला की मौत हो गई। लाहौल घाटी में फंसे दो इस्राइली मूल के नागरिक निजी हेलीकॉप्टर से ही लाहौल घाटी से सुरक्षित निकले।
अभी भी घाटी के विभिन्न हिस्सों में 300 से ज्यादा लोग फंसे हुए हैं, जो अलग-अलग जगहों पर सुरक्षित हैं, लेकिन फंसे उनका स्वास्थ्य बिगड़ रहा है। रेस्क्यू किए 387 लोगों में से 31 को एयरलिफ्ट किया गया है। इनमें 16 पर्यटकों समेत तीन बच्चे भी शामिल हैं, जबकि बुधवार को 356 लोग रोहतांग टनल के जरिये मनाली पहुंचे हैं।
घाटी के विभिन्न क्षेत्रों और बारालाचा दर्रे के आसपास फंसे लोगों को निकालने के लिए वायुसेना के हेलीकॉप्टरों ने लाहौल के सतींगरी हेलीपैड और बारालाचा के आसपास कुल पांच उड़ानें भरीं। इन उड़ानों से कुल 31 लोगों को कुल्लू के ढालपुर मैदान में स्थापित अस्थायी हेलीपैड तक पहुंचाया गया।
इनमें नॉर्वे के एनी क्रिस्टिव (53), पेर बोन्स, डेनमार्क के क्रिस्टिंसन (70), टवेनसन (56), जॉनसन (67) और रॉल्फ बेकर (53), भूटान के सोनम निरंजा (39), नेपाल के कुनामा लामा (54) और नवांग दोरजे (70), कोलकाता के जगदीश चक्रवर्ती (53), पिनाकी जोवर्द्धन (52), देहरादून के जालम सिंह (22), पांगी की सरिता (40), तुलदेई (21), जालम सिंह (37) और भादुल सिंह (43) पांगी, मनाली के सुंदर सिंह (28), कमल कुमार (42), पश्चिम बंगाल की पाला बनर्जी, सिद्धार्थ बनर्जी और सप्तर्षि बनर्जी (28), पटना के विनोद सिन्हा (68) और ओम प्रकाश (43) शामिल हैं।