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दवा सप्लाई के टेंडर पर हाईकोर्ट की रोक: 500 करोड़ टर्नओवर की शर्त पर राज्य सरकार से जवाब तलब, जानें पूरा मामला

Tue, 27 Oct 2026 07:50 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला। Published by: Krishan Singh Updated Tue, 27 Oct 2026 07:50 PM IST
सार

 प्रदेश उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार की ओर से अस्पतालों के लिए दवाओं की आपूर्ति के लिए निकाले गए एक बड़े टेंडर पर अंतरिम रोक लगा दी है। 

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hp High Court stays tender for medicine supply; seeks response from state govt regarding the 500 crore turnove
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार की ओर से अस्पतालों के लिए दवाओं की आपूर्ति के लिए निकाले गए एक बड़े टेंडर पर अंतरिम रोक लगा दी है। खंडपीठ ने आदेश दिया है कि सरकार इस टेंडर प्रक्रिया के तहत फिलहाल किसी को भी कॉन्ट्रैक्ट जारी नहीं करेगी। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश जिया लाल भारद्वाज की खंडपीठ ने मैसर्स मार्क लेबोरेटरीज लिमिटेड की ओर से दायर याचिका पर यह अंतरिम आदेश पारित किए। चूंकि मामला संवेदनशील है और अस्पतालों में दवाओं की सप्लाई रुकनी नहीं चाहिए, इसलिए हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि राज्य सरकार अगले आदेश तक पुराने बिडर्स (सप्लायर्स) से ही दवाओं की खरीद जारी रख सकती है।

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अदालत ने इस मामले में राज्य सरकार और संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर दिया है और मामले की अगली सुनवाई 30 नवंबर तय की है। याचिका में आरोप लगाया गया था कि टेंडर की शर्तें जानबूझकर इस तरह बनाई गई हैं, जिससे हिमाचल प्रदेश के स्थानीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को इस दौड़ से बाहर किया जा सके। याचिकाकर्ता ने बताया कि सरकार ने 1403 दवाओं की सप्लाई के लिए न्यूनतम सालाना टर्नओवर की शर्त को बढ़ाकर 500 करोड़ कर दिया है।

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इससे पहले फरवरी-मार्च 2026 के टेंडर में यह शर्त सिर्फ 20 करोड़ थी और अक्तूबर 2024 में हिमाचल के स्थानीय निर्माताओं के लिए इसे घटाकर 10 करोड़ किया गया था। टेंडर में ऐसी कोई शर्त नहीं है कि सभी 1403 दवाएं किसी एक ही बड़े निर्माता की ओर से सप्लाई की जानी अनिवार्य हों। याचिकाकर्ता कंपनी का टर्नओवर 189.89 करोड़ है और वह पहले भी सरकार को 19 तरह की दवाएं सफलतापूर्वक सप्लाई कर चुकी है, लेकिन इस 500 करोड़ की नई शर्त के कारण वे इस बार बाहर हो गए।

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