ऐसी मान्यता है कि सावन माह में की गई भगवान शिव की पूजा बहुत ही फलदायी होती है और इसका फल बहुत जल्द मिलता है। सावन मास शुरू होते ही हिमाचल के छोटी काशी मंडी के मंदिर भगवान शिव के जयकारों से गूंज उठे हैं।
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एकादश रुद्र महादेव मंदिर
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छोटी काशी मंडी में कई शिव मंदिर हैं। इनमें कई मंदिर ऐसे हैं जहां पर पूरा साल धार्मिक गतिविधियां चलती रहती हैं। इसी कारण प्रदेश सरकार ने मंडी में शिवधाम स्थापित करने का निर्णय लिया है। ब्यास घाट पर स्थित एकादश रुद्र महादेव मंदिर में सावन महीना शुरू होते ही ओम नम: शिवाय का अखंड पाठ भी शुरू हो गया है। यह पाठ पूरा माह चलेगा। एकादश रुद्र मंदिर के महंत पुजारी स्वामी सतसुंदरम पिछले 47 सालों से लगातार इस मंदिर में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
इसमें एक व्यक्ति एक घंटे तय समय में लगातार जाप करेगा। यही क्रम एक माह तक चलता रहेगा। भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा। वहीं रुद्रघाट मंडी में गुरु पूर्णिमा पर ब्यास आरती का आयोजन किया गया। इससे पूर्व मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं को सत्यनारायण भगवान की कथा का श्रवण पान कराया।
शहर में बाबा भूतनाथ मंदिर को विशेष रूप से संवारा गया है। छोटी काशी में सावन मास काफी धूमधाम से मनाया जाता है। पूरे माह मंदिरों में भंडारे और विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।
हिंदू धर्म में सावन माह को भगवान शिव की पूजा के लिए महत्वपूर्ण माना गया है। इसी आस्था के साथ भगवान शिव की पूजा-अर्चना की जाती है। शिव भक्तों ने भगवान शिव के लिए व्रत की शुरुआत की और मनचाहे वरदान के लिए पूजा-पाठ शुरू किया।