एचपी यूनिवर्सिटी में छात्रों ने ऐसा कोहराम मचाया कि हॉस्टल खंडहर बन गए। फर्नीचर ही नहीं गाड़ियां भी तोड़ी गई। तलवारें चली जिसमें कई लहुलूहान हो गए। अब तक एबीवीपी के 12 कार्यकर्ता गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
हिंसा में छात्र संगठन कार्यकर्ताओं ने छात्रावास के शीशे तोड़े हैं, डायनिंग हॉल की कुर्सियों को तोड़ दिया है। बाथरूम में शेल्फ भी तोड़ दी है। कमरों में घुसकर छात्रों के मोबाइल और लैपटॉप आदि को भी नुकसान पहुंचाया है।
शनिवार को भी छात्रावास के दरवाजे और खिड़कियों के शीशे तोड़े गए। एक बाइक को भी क्षतिग्रस्त किया गया है। जिस समय मारपीट हुई, उस समय मैस में विद्यार्थी खाना खा रहे थे। पथराव से बचना आम छात्रों और पुलिस वालों को मुश्किल हो गया था।
शुक्रवार शाम को विद्यार्थियों के बीच हुई हिंसा के बाद माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। कैंपस में पुलिस बल और क्यूआरटी तैनात है। शनिवार को फिर से कैंपस में एसएफआई और एबीवीपी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई लेकिन पुलिस बल ने मामला शांत करवा दिया।
सुबह दस बजे से पहले ही समरहिल चौक से लेकर मुख्य गेट तक एसएफआई के कार्यकर्ता बीती रात हुई हिंसा के विरोध में नारेबाजी करते नजर आए। एसएफआई ने कुलपति कार्यालय तक रैली निकाली। संगठन ने घटना के लिए कुलपति को जिम्मेदार ठहराया। संलिप्त पाए गए छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।