देवभूमि हिमाचल के मंदिरों से जुड़ी देव आस्था की बातें हर किसी को हैरान कर देती हैं। हिमाचल के कई मंदिर आज भी कई रहस्यों से भरे पड़े हैं। ऐसा ही एक धार्मिक स्थल कुल्लू जिले में स्थित सरयोलसर झील है।
पांच फुट बर्फ से लकदक सरयोलसर झील में देवता का पुजारी माइनस डिग्री तापमान में डुबकी लगाता है। समुद्रतल से करीब 11 हजार फीट की ऊंचाई पर विराजमान माता बूढ़ी नागिन की वास स्थली सरयोलसर इन दिनों बर्फबारी से लकदक है।
कड़ाके की ठंड से जहां झील का पानी लगभग एक फीट तक जम गया है वहीं झील के ऊपर पांच फुट बर्फ की मोटी परत जमी है। जाड़े के मौसम में जहां घर से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। वहीं देवता चोतरू नाग के नवनियुक्त पुजारी संतोष कुमार ने देवता के आदेशों का निर्वहन करते हुए झील के
माइनस पांच डिग्री तापमान में स्नान किया।
उनके साथ गए महेंद्र कुमार, विनोद कुमार, बिहारी लाल, हीरा लाल, रमेश कुमार, देवता के गूर सुर्जन सिंह ने कहा कि उन्होंने बर्फ के बीच सरयोलयर पहुंचने में पांच घंटे का समय लगा। शोधा गांव स्थित देवता चोतरू नाग के देवालय से 11 किलोमीटर का लंबा सफर पैदल तय करना पड़ा है।
उन्होंने कहा कि देवता का फागली उत्सव 14 फरवरी से शुरू हो रहा है, ऐसे में देवता ने संतोष कुमार को नया पुजारी नियुक्त किया है। देवता के आदेश पर उन्होंने 11 फरवरी को सरयोलसर झील में शाही स्नान किया है। महेंद्र कुमार, विनोद कुमार और बिहारी लाल ने कहा कि झील बर्फ से पूरी तरह से दब गई है।