अरे कॉफी हाउस वालों, आज कॉफी नहीं पिलाओगे क्या? शिमला से लौटते वक्त मालरोड पर अचानक इंडियन कॉफी हाउस के बाहर काफिला रोककर पीएम नरेंद्र मोदी ने जैसे ही ये शब्द कहे तो हर कोई हैरान रह गया। आनन-फानन में इंडियन कॉफी हाउस के स्टाफ ने प्रधानमंत्री के लिए कॉफी तैयार की।
वेटर भागीरथ कॉफी हाउस के गेट पर ही पीएम के लिए कॉफी और बटर स्लाइस लेकर पहुंचे। पीएम ने लोगों के बीच ही कॉफी की चुस्कियां लीं। पुरानी यादें ताजा करते हुए पीएम बोले - 20 साल बाद भी यहां की कॉफी का स्वाद नहीं बदला। वे करीब तीन मिनट तक यहां रुके। उन्हें देख कॉफी हाउस के अंदर बैठे और आसपास से लोग भी गेट की ओर दौड़े
सुरक्षाकर्मियों को भी कड़ी मशक्कत कर एक तरफ से सुरक्षा घेरा बनाना पड़ा। लोगों ने पीएम के साथ सेल्फी ली और बातचीत भी की। कॉफी की चार-पांच चुस्कियां लेने के बाद पीएम वापस गाड़ी में बैठे। इसके बाद उनका काफिला यहां से रवाना हो गया। कॉफी हाउस के असिस्टेंट मैनेजर गणेश सिंह रावत ने बताया कि पीएम के रुकने की कोई सूचना नहीं थी।
मालरोड स्थित इंडियन कॉफी हाउस शुरू से ही राजनीति का केंद्र रहा है। प्रधानमंत्री मोदी जब प्रदेश प्रभारी थे तो वे दोस्तों और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मालरोड स्थित इंडियन कॉफी हाउस में ही बैठते थे।
पिछले शिमला दौरे के दौरान पीएम ने अपने भाषण में कॉफी हाउस का जिक्र किया था। कहा था कि अकसर दोस्तों के साथ उनका इंडियन कॉफी हाउस में बैठना होता था। गौरतलब है कि पूर्व पीएम जवाहरलाल नेहरू भी यहां कॉफी पी चुके हैं।