तस्वीरें: बेटा सीएम बना तो भावुक हुई मां, आंखों से छलक पड़े खुशी के आंसू
सुबह करीब 11 बजे जयराम ठाकुर के भाई अनंत राम को किसी रिश्तेदार का फोन आता है कि शिमला में होने वाले शपथ समारोह के लिए प्रधानमंत्री शिमला पहुंच गए हैं और जयराम ठाकुर उन्हें रिसीव करने के लिए अनाडेल गए हैं। यह सुनकर जयराम के घर पर उनकी मां, चाची एकादशी, बड़ी बहन पूर्ण देवी, भाभी खेमदासी और बड़ा भाई अनंतराम जयराम के कमरे की तरफ दौड़ पड़े। सभी ने देर न करते हुए कमरे में लगे टीवी को तुरंत ऑन कर दिया।
टीवी पर दिखाया गया कि रिज पर किस समय कौन-कौन सा नेता पहुंचा। जैसे ही रिज पर पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार दिखाई दिए तो बड़े भाई ने मां से कहा कि इन्होंने ही जयराम को सीएम बनाने के लिए सबसे अधिक साथ दिया है। मां कहती हैं कि हम इनका अहसान कभी नहीं चुका पाएंगे। जैसे ही जयराम प्रधानमंत्री के साथ शपथ ग्रहण स्थल पर पहुंचते हैं तो उनकी झलक पाकर ही पूरा परिवार तालियां बजाने लगा। राज्यपाल जयराम ठाकुर को शपथ दिलाने लगे तो मां की आंखों से आंसू झलक पड़े। मां को भावुक देखकर कमरे में मौजूद पूरे परिजनों की आंखों से भी आंसुओं की झड़ी लग गई।
भाई ने देवताओं को चढ़ाया भोग
इससे पहले सुबह करीब 6 बजे पूरे परिवार ने सबसे पहले अपने देवताओं को मनाया। इसके लिए जयराम के बड़े भाई अनंत राम ने और मां ने अन्न का दाना मुंह में नहीं लगाया था। एक भव्य थाल देवताओं की पूजा के लिए सजाया गया। इस थाल में हलवा, वस्त्र, दक्षिणा, नारियल धूप दीप आदि पूजा सामग्री थी। देवताओं के मन्नत पूरी करने के बाद पूरे परिवार ने सभी देवताओं को भोग लगाया और पूजा की। इन देवी देवताओं में देव मतलोड़ा, देववाला टीका, देवी बगुलामुखी व कुलदेवी शिकारी जोगिणी को भोग आदि लगाया गया।
मां बोली-जयराम के पिता जी होते तो फूले न समाते
जैसे ही शपथ ग्रहण समारोह का समापन होता है तो मां सहित पूरा परिवार घर के आंगन में पहुंच जाता है। जहां पर बहुत से लोग उन्हें बधाई देने लगते हैं। इस पर मां के आंसू दोबारा बहने लगे। मां रोते-रोते कहती है कि काश आज जयराम के पिता होते तो वह फूले न समाते। मां बोली कि वह हमेशा जयराम को राजनीति में जाने से रोकते थे। अगर उस समय जयराम उनकी बात मान लेता तो शायद आज पूर प्रदेश का मुखिया नहीं बनता। अपने बेटे की इस कामयाबी पर उनको खूब नाज होता।