आश्विन नवरात्र शुरू हो गए हैं। सभी शक्तिपीठों पर श्रद्घालु उमड़ आए हैं। आप भी दर्शन कीजिए। ये माता चिंतपूर्णी का भव्य मंदिर है। हिमाचल के ऊना में स्थित मां चिंतपुर्णी का मंदिर भी प्रसिद्घ 51 शक्तिपीठों में से एक है। यहां मां सती के शरीर का एक हिस्सा गिर गया था। चिंतपुर्णी को मां चिनमास्तिका देवी के नाम से भी जाना जाता है। यहां नवरात्र में सुबह 5:00 बजे आरती और शाम को 8:00 बजे आरती व भोग लगेगा। कपाट मात्र एक घंटे के लिए रोजाना रात साढ़े 11 से साढे 12 बजे तक बंद रहेंगे। मैया को रोजाना चना, पूरी, सूखे मेवे, बर्फी, खीर व हलवा सहित अन्य व्यंजनों का भोग लगेगा।
ये कांगड़ा स्थित ज्वालाजी मां का भव्य मंदिर है। यहां हर समय मां आग की ज्वाला के रूप में दर्शन देती है। ये ज्वाला कभी नहीं बुझती। कहते हैं अकबर ने भी इसे बुझाने की कोशिश की थी मगर नाकाम रहा। मां का चमत्कार देख बाद में उसने यहां सोने का छत्र मां को अर्पित किया था। यहां मंदिर के कपाट सुबह 5 बजे खुल जाएंगे। मंदिर में रोजाना पांच आरतियां होंगी। सुरक्षा के मद्देजनर 16 सीसीटीवी कैमरों से कंट्रोल रूम से चप्पे चप्पे तक हर गतिविधि पर नजर रहेगी। मेटल डिटेक्टर से चेकिंग के बाद ही दर्शनों को भेजा जाएगा।
कांगड़ा में ही मां चामुंडा देवी का भी भव्य मंदिर है। चामुंडा देवी के बारे में मान्यता है नवरात्र में यहां आकर मन्नत मांगने से सभी काम बन जाते हैं। मां की ये मूर्त जमीन के नीचे थी। मां ने स्वपन में आकर एक पंडित को इसे बाहर निकालने और मंदिर में स्थापित करने को कहा था। मंदिर में रात 10 बजे तक श्रद्धालु मां के दर्शन कर सकेंगे। सुबह 8:00 बजे तथा शाम 8:00 बजे मां चामुंडा की आरती होगी।
देवभूमि हिमाचल के कांगड़ा में स्थित मां बज्रेश्वरी का ये मंदिर दुनिया भर में विख्यात है। यहां मक्खन से मां की पिंडी तैयार कर घृत बनाया जाता है। यहां रात 10 बजे तक भक्तजन मां के दर्शन कर सकेंगे। सुबह 6 बजे और शाम सात बजे दो आरती होगी। मंदिर में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं। नारियल चढ़ाने पर प्रतिबंध रहेगा।
बिलासपुर स्थित मां नैना देवी का ये मंदिर भी देश भर के 51 शक्तिपीठों में शामिल हैं। यहां मां सती के जलते शरीर से आंखें गिरी थी। इसीलिए यहां का नाम नैनादेवी है। नैनादेवी के अलावा यहां गणेश भगवान भी विद्यमान हैं। मंदिर के कपाट पहले दिन सुबह 4 बजे खुलेंगे जबकि दूसरे नवरात्र से रात 2 बजे से कपाट खुल जाएंगे दिन में पांच आरतियां होंगी। हथियारों सहित सुरक्षा बल 24 घंटे तैनात रहेंगे।