सीना फख्र से चौड़ा और आंखों में गम के आंसू। मंडी जिले के पटणू, मसेरन और द्रंग क्षेत्र के चाउट गांवों के हर शख्स का सीना फख्र से चौड़ा था तो आंखों में गम के आंसू भी तैर रहे थे। इन गांवों के बहादुर बेटे विकास, मनोज और प्रकाश चंद मणिपुर में हुए उग्रवादी हमले में शहीद हो गए हैं। तीनों शहीदों के पार्थिव शरीर शनिवार को भी पैतृक गांव नहीं पहुंचे। परिजनों ने तीन दिन से अन्न ग्रहण नहीं किया। मानपुर (सिरमौर) के शहीद सोहन की पत्नी की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें घर पर ट्रीटमेंट दिया जा रहा है।
शहीद बेटे के 'अंतिम दर्शन' को मां ने छोड़ा अन्न, पत्नी भी मरणासन
Updated Mon, 08 Jun 2015 04:35 PM IST
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शहीद बेटे के 'अंतिम दर्शन' को मां ने छोड़ा अन्न, पत्नी भी मरणासन
शहीद बेटे के 'अंतिम दर्शन' को मां ने छोड़ा अन्न, पत्नी भी मरणासन
शहीद बेटे के 'अंतिम दर्शन' को मां ने छोड़ा अन्न, पत्नी भी मरणासन
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