अकबर के जमाने की 500 साल पुरानी विद्या द ग्रेट इंडियन रोप ट्रिक पर काम कर रहा हूं। 75 फीसदी तक कामयाबी मिल गई है। पूरे विश्व की नजर इस विद्या पर है। जल्द इसका प्रदर्शन कर भारत का नाम ऊंचा करूंगा। 25 साल के अभ्यास के बाद इस कला में 75 फीसदी तक निपुण हो पाया हूं। अमेरिका ने द ग्रेट इंडियन रोप ट्रिक का कामयाब प्रदर्शन करने पर एक करोड़ रुपये का पुरस्कार रखा है। शिमला के गेयटी थियेटर में शनिवार को अमर उजाला से खास बातचीत के दौरान जादूगर सम्राट शंकर ने उनकी जिंदगी से जुड़े अनछुए पहलुओं पर खुलकर बात की। प्रस्तुत है उनसे हुई बात के प्रमुख अंश:-
विशेष बातचीत: जादूगर शंकर बोले- 500 साल पुरानी कला द ग्रेट इंडियन रोप ट्रिक में मिली 75 फीसदी कामयाबी
आपकी नजर में जादू क्या है, चमत्कार या हाथ की सफाई
जादू कोई चमत्कार नहीं है। 75 फीसदी ट्रिक और 25 फीसदी सम्मोहन है। इसमें पारंगत होने के लिए निरंतर योग अभ्यास जरूरी है। लोगों को अपने भगवान और देवी-देवताओं पर विश्वास करना चाहिए। कुछ लोग इस कला का दुरुपयोग कर भ्रम फैलाने का काम करते हैं, ऐसे लोग जेल में हैं। अब तक करीब 23 हजार चैरिटी शो कर चुका हूं, जो कमाई होती है वह समाजसेवी संस्थाओं को दान दी जाती है। गेयटी थियेटर शिमला में 7वां शो है। लोगों का प्यार मिलता है और बार-बार बुलाते हैं।
लंदन में आधा घंटा पीछे कर दी थीं घड़ियां, मंडप से दुल्हन कर दी थी गायब
सम्राट शंकर ने कहा कि लंदन में एक बार शो में पहुंचने में आधे घंटे की देरी हो गई, ..लोग नाराज न हो गए, ..बोलने लगे भारतीय जादूगर को वक्त की कद्र नहीं है। देश पर बात आई तो हॉल में जितने भी लोग थे सबकी घड़ियों का टाइम आधा घंटा पीछे कर दिया। मजाकिया अंदाज में बोले, शादी के दौरान मंडप में दुल्हन को ही गायब कर दिया था।
लंबे सफर के बाद अब भविष्य की क्या योजना है
जादू की कला को फाइन आर्ट का दर्जा दिलवा कर इसका संरक्षण करने के लिए अकादमी खोलना चाहता हूं। भारत की इस कला को लुप्त होने से बचाने का काम करना चाहता हूं। हरियाणा और दिल्ली सरकार से बात चल रही है। हिमाचल के मुख्यमंत्री शो देखने आएंगे तो उन्हें भी प्रपोजल दूंगा। सरकार मदद करे तो शिमला में अमेरिका की तर्ज पर रोजाना मैजिक शो आयोजित किए जा सकते हैं। इससे सैलानियों को गतिविधि मिलेगी और पर्यटन कारोबार भी बढ़ेगा।
आपकी जीवनी पर फिल्म बन रही है
वीनस फिल्म्स के बैनर तले 'जादू मेरी नजर' फिल्म बन रही है। ये मेरी जीवनी पर आधारित है। मैंने जादू कैसे सीखा, क्या-क्या समस्याएं पेश आईं, कैसे एक कामयाब जादूगर बना इसकी पूरी कहानी फिल्मी पर्दे पर नजर आएगी। मैं अभिनय तो नहीं करूंगा पर बीच-बीच में मेरे स्टंट की झलक देखने को मिलेगी।
इंटरनेट की दुनिया में स्टेज मैजिक शो कितना प्रासंगिक है
मैजिक शो को पूरा परिवार एकसाथ बैठ कर देख सकता है। बहुत सी फिल्में ऐसी हैं जिन्हें परिवार के साथ नहीं देखा जा सकता। पिछले 50 सालों में 28 हजार शो कर चुका हूं, 23 हजार शो सिर्फ चैरिटी के लिए किए हैं। इसके लिए गिनीज बुक ने भी सम्मानित किया है। शो के जरिये बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, नशे से दूरी, पानी की बचत सहित अन्य सामाजिक संदेश भी देता हूं।
आप तो जादूगर हैं, जादू से चुनाव भी जीत सकते हैं, नेता बनेंगे
ठहाका लगाकर हंसते हुए... हरियाणा में राजनीतिक पार्टियां टिकट ऑफर कर रही हैं। कहते हैं आप मशहूर हैं और जादू भी जानते हैं। आपकी जीत पक्की है। लेकिन मैं कहता हूं राजनीति में आदमी नाम के लिए ही जाता है, मेरा देश-विदेश में पहले ही नाम है। मुझे राजनीति नहीं करनी।
जादूगर बनने में परिवार का सहयोग मिला, या नहीं
मैं कारोबारी परिवार से हूं। परिवार वाले चाहते थे कारोबार करूं, मैं इंजीनियर बनना चाहता था लेकिन एकाएक रुचि जादू की कला में हो गई। एक बार घरवालों ने कबूतर और खरगोश सहित जादू का सामान बाहर सड़क पर फेंक दिया। पढ़ाई करते हुए बंगाली जादूगर देव कुमार के शो देखे। प्रसिद्ध जादूगर बीएन सरकार से जादू की कला सीखी।