देवभूमि में हो रही मूसलाधार बारिश से संपर्क सड़कों पर यातायात बाधित हो गया ही। लोक निर्माण विभाग ने कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। करीब 70 सड़कों पर यातायात ठप हो गया है। इनमें अधिकतर सड़कें गांव को जोड़ने वाली हैं। कई क्षेत्रों में एचआरटीसी बसें आधे रास्ते से लौट रही हैं। शिमला जिले में डेढ़ दर्जन, धर्मशाला में सात, सोलन में तीन और अन्य जिलों में भी बड़ी संख्या में संपर्क सड़कों पर यातायात बाधित हुआ है। यातायात बहाली के लिए हर डिविजन में दो से तीन जेसीबी और डोजर भेजे गए हैं।
लोक निर्माण विभाग ने कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। प्रदेश में नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। कई घरों में दरारें आई हैं। उधर, लोक निर्माण विभाग का दावा है कि सड़कों की बहाली का काम तेजी से चल रहा है। सोमवार तक लिंक रोड यातायात के लिए बहाल हो जाएंगे। उधर, मौसम केंद्र शिमला ने प्रदेश के कई क्षेत्रों में सोमवार को भी भारी बारिश की चेतावनी दी है।
हमीरपुर जिले में पिछली रात से बारिश होने से लोगों ने गर्मी से राहत ली है। दोपहर 12 बजे तक जिले में बारिश जारी रही। बाद में मौसम साफ हो गया। हालांकि, वर्षा के चलते जिले भर में कोई खास नुकसान नहीं हुआ है। सड़कों की हालत खराब हो गई है। निकासी नालियां अवरुद्ध होने से पानी सड़कों पर बह रहा है। इससे सड़कों पर गाद और मिट्टी जमा हो गई है। इससे राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को आवाजाही में दिक्कत हो रही है।
चंबा जिले में रविवार तड़के शुरू हुई बारिश दोपहर बाद तक जारी रही। भरमौर और चुराह की तरफ जाने वाले यात्री चंबा में ही फंसे रहे। इन दोनों मार्गों पर भूस्खलन के खतरे को देखते हुए यात्रियों ने सफर नहीं किया। दोनों ही मार्गों पर रुक-रुक कर पत्थर गिरते रहे। लोनिवि की लेबर को चौबीस घंटे अलर्ट पर रखा गया है।
कुल्लू जिले में हल्की बारिश हुई है। यहां ब्यास और पार्वती नदी का जलस्तर उफान पर हैं। कुल्लू के आनी और किन्नौर जिले में शनिवार रात को बारिश होने से क्षेत्र के लोगों ने गर्मी से राहत पाई है।