कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए हिमाचल में लॉकडाउन के साथ कर्फ्यू लागू है। राज्य में बिना पास वाहनों की आवाजाही की अनुमति नहीं है। लेकिन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सोमवार को उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों और राज्य के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान बड़ा एलान किया है।
हिमाचल में 17 मई से सात घंटे की कर्फ्यू ढील में बिना पास जिले में पैदल या निजी वाहनों से लोग आवाजाही कर सकेंगे। दूसरे जिले में जाने के लिए कर्फ्यू पास होना जरूरी है। सोलन जिले के औद्योगिक क्षेत्र बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ (बीबीएन) में यह आदेश लागू नहीं होंगे।
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थर्मल स्केनिंग
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हालांकि, बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों को संस्थागत क्वारंटीन करने का फैसला सरकार ने एक दिन बाद ही पलट दिया। अब सिर्फ रेड जोन से लौटने वाले लोग ही बॉर्डर पर संस्थागत क्वारंटीन होंगे, जबकि अन्य जोन से आने वालों पर डॉक्टर जांच के बाद फैसला लेंगे। सीएम ने कहा कि अधिक संख्या में लोग रेड जोन क्षेत्रों से आएंगे, इसलिए उन्हें संस्थागत क्वारंटीन सुविधा की आवश्यकता होगी।
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सीएम जयराम ठाकुर
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उन्होंने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि वे सुविधाओं की पर्याप्त संख्या में पहचान कर उन्हें चिह्नित करें। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि ये केंद्र व्यस्त क्षेत्रों से दूर हों और इनमें शौचालय हों। रेड जोन से आने वाले सभी लोग और इंफ्लुएंजा जैसे लक्षणों वाले सभी लोग संस्थागत क्वारंटीन रहेंगे। उपायुक्तों से कहा कि जिन घरों में लोग होम क्वारंटीन हैं, ऐसे घरों पर नजर रखने के लिए पंचायती राज संस्थाओं व स्वास्थ्यकर्मियों के प्रतिनिधियों को शामिल करें, ताकि व्यक्ति होम क्वारंटीन का उल्लंघन न करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्थागत क्वारंटीन में सुविधाएं ऐसी हों कि जो लोग भुगतान करने के इच्छुक हैं, उन्हें भुगतान के आधार पर सुविधाएं मिलें।
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शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज
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कोरोना वायरस से बचाव के लिए हिमाचल के सरकारी और निजी स्कूलों को अभी खोलने का सरकार जोखिम नहीं उठाना चाहती है। ऐसे में स्कूलों को 31 मई तक बंद रखने का फैसला लिया गया है।कॉलेजों में 25 मई से होने वाली छुट्टियों को 18 मई से 10 जून तक देने का विचार है।