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इस जेल में बंद था वो शख्स, जिससे डरते थे अंग्रेज

Fri, 30 Jan 2015 09:06 AM IST
Updated Fri, 30 Jan 2015 09:06 AM IST
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इस जेल में बंद था वो शख्स, जिससे डरते थे अंग्रेज

lala laj patrai prisoned in dharamshala jail.

हिमाचल की धर्मशाला स्थित ये जेल बेहद खास है। आजादी से पहले यहां एक ऐसे शख्स को बंद किया गया था जिससे अंग्रेजी हकूमत भी कांपने लगी थी।

इस जेल में बंद था वो शख्स, जिससे डरते थे अंग्रेज

lala laj patrai prisoned in dharamshala jail.

इस जेल में स्वतंत्रता सेनानी लाला लाजपत राय को रखा गया था। उनके अलावा स्वतंत्रता सेनानी मोलवी हबिबुर रेहमान, एस सरदुल सिंह कवीशर, युद्धवीर, मास्टर कबूल सिंह, मियान इफ्तिखारूद दीन, बशी राम, सरला मित्र और पंचम चंद्र भी रखे गए थे।

इस जेल में बंद था वो शख्स, जिससे डरते थे अंग्रेज

lala laj patrai prisoned in dharamshala jail.

लाला लाजपत राय के धर्मशाला जेल में 21 अप्रैल 1922 से 9 जनवरी 1923 तक बिताए गए दिनों की यादें ताजा करवाने के लिए अधीक्षक कार्यालय में बाकायदा ताम्र पत्र भी चस्पां है।

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इस जेल में बंद था वो शख्स, जिससे डरते थे अंग्रेज

lala laj patrai prisoned in dharamshala jail.

हिमाचलियों में सरफरोशी की अलख जगाने वाले लाला जी की कुर्सी धर्मशाला जेल के बी ग्रेड के सेल नंबर 2 में आज भी सलामत है। आजादी के बाद इस सेल में किसी भी कैदी को नहीं रखा जाता।

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इस जेल में बंद था वो शख्स, जिससे डरते थे अंग्रेज

lala laj patrai prisoned in dharamshala jail.

कहा जाता है कि ब्रिटिश हुकूमत ने बड़ा विद्रोह होने के डर से लायन ऑफ पंजाब के नाम से जाने गए लाला लाजपत राय को 22 अगस्त, 1922 को लाहौर जेल से धर्मशाला शिफ्ट किया। यहीं पर लाला लाजपत राय ने आजादी की लड़ाई का बीज बोया है।

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